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दिल्ली के जामिया इलाके में गुरुवार को अचानक फायरिंग के बाद हड़कंप मच गया. एक नाबालिग ने 'जय श्री राम' का नारे लगाते हुए गोली चला दी. इस घटना के कुछ ही मिनट के भीतर अंग्रेजी न्यूज चैनल रिपब्लिक ने प्रदर्शनकारी लोगों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया. चैनल के एंकर ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा. चैनल ने AAP और कांग्रेस को इस घटना से जोड़ते हुए 'सीएए प्रदर्शनकारियों का असली चेहरा' बताया.
चैनल ने सीधे-सीधे राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाना शुरू कर दिए. एडिटर ने कहा, "राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को बताना चाहिए कि वो किस तरह इस घटना का सपोर्ट कर रहे हैं."
चैनल ने बताया कि जामिया के पास फायरिंग करने वाला युवक प्रदर्शनकारियों में से ही एक है. लेकिन सच्चाई कुछ और ही है. असल में वो प्रदर्शन करने वाले ग्रुप में शामिल नहीं था.
उसने फायरिंग की घटना से पहले अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे. उसने फेसबुक पर कई पोस्ट किए थे. फायरिंग से कुछ मिनट पहले उसने फेसबुक पर लिखा था- "आजादी दे रहा हूं." उसने जामिया इलाके से फेसबुक लाइव भी किया था.
खास बात ये है कि रिपब्लिक ने अपनी रिपोर्ट में ये नहीं बताया कि उसने किस आधार पर प्रदर्शनकारियों और विपक्ष को जामिया फायरिंग वाली घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया. हालांकि चैनल ने दिल्ली पुलिस से ये सवाल जरूर किया कि शख्स के पिस्तौल लहराए जाने के बावजूद पुलिस ने तुरंत कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. चैनल ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय (जिसे दिल्ली पुलिस रिपोर्ट करती है) से एक भी सवाल नहीं किया.
बता दें, दिल्ली पुलिस ने जामिया के पास फायरिंग करने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. गोली लगने से घायल युवक तुरंत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले के डीसीपी चिन्मय बिस्वास ने कहा, “गोली देसी तमंचे से चलाई गई है. आरोपी ने वैमनस्य फैलाने वाले नारे भी लगाए थे."