
advertisement
सोशल मीडिया पर एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है, जिसमें News24 के एक बुलेटिन का ग्राफिक देखा जा सकता है. इसे ये दावा करने के लिए शेयर किया जा रहा है कि न्यूज चैनल ने ''भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए, अखिलेश यादव से माफी मांगी.''
ट्वीट में दिख रहे ग्राफिक में कहा गया है कि कानपुर (Kanpur) का कारोबारी पीयूष जैन बीजेपी का सदस्य है. पीयूष जैन को सेंट्रल एजेंसियों ने रविवार 26 दिसंबर को टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है.
हालांकि, हमें वायरल हो रहे ट्वीट में कई कमियां दिखीं. हमने पाया कि वायरल हो रहा ट्वीट छेड़छाड़ कर बनाया गया है. चैनल ने भी अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए स्पष्ट किया है कि वायरल पोस्ट फेक है.
वायरल स्क्रीनशॉट को "Samajwadi ItCell" नाम के एक फेसबुक प्रोफाइल से शेयर करते हुए लिखा गया कि ''वो दिन दूर नहीं जब भाजपा पूरे देश से माफी मांगेगी.''
कई फेसबुक यूजर्स ने इसी कैप्शन के साथ इस स्क्रीनशॉट को शेयर किया है.
दावे की जांच करने के लिए, हमने News24 के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर "Akhilesh Yadav", "BJP" जैसे कीवर्ड का इस्तेमाल कर ट्विटर एडवांस सर्च करके देखा. हालांकि, हमें ऐसा कोई ट्वीट नहीं मिला, जिसमें ये बताया गया हो कि चैनल ने यादव से माफी मांगी है.
हमने स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखने पर पाया कि उसमें कई कमियां हैं. उदाहरण के लिए, "News 24" में जिस फॉन्ट का इस्तेमाल किया जाता है वो स्क्रीनशॉट में नहीं था. ट्वीट का टेक्स्ट और यूजरनेम उस तरह से एलाइन्ड नहीं थे, जैसा कि उन्हें होना चाहिए. हमने वायरल ट्वीट की तुलना चैनल के ट्विटर हैंडल पर किए गए वास्तविक ट्वीट से की, ताकि ये कमियां दिखाई जा सकें.
बाएं वायरल ट्वीट, दाएं वास्तविक ट्वीट
(फोटो: Altered by The Quint)
हमने News24 के यूट्यूब चैनल पर एक न्यूज बुलेटिन को भी देखा और पाया कि वायरल ट्वीट में इस्तेमाल किया गया कलर स्कीम ओरिजिनल से मेल नहीं खाता. वायरल ट्वीट में इस्तेमाल किए गए ग्राफिक में पीयूष जैन के बारे में पीले रंग में लिखा हुआ है, जबकि ओरिजिनल बुलेटिन में लिखा टेक्स्ट सफेद रंग में है.
हमें बैकग्राउंड में दो सफेद धब्बे भी दिखे, जिससे ये मालूम पड़ता है कि ओरिजिनल फोटो में टेक्स्ट को अलग से लगाया गया है.
बाएं वायरल ग्राफिक, दाएं ओरिजिनल बुलेटिन का ग्राफिक
(फोटो: Altered by The Quint)
जैन को केंद्रीय एजेसिंयों ने टैक्स चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) ने पीयूष जैन के यहां से सबसे बड़ी नकद जब्ती की है.
कानपुर में एक घर और जैन की कुछ और जगहों से छापेमारी के दौरान 257 करोड़ से ज्यादा की नकदी, सोना और कुछ दूसरी कीमती चीजें बरामद की गई हैं. ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि जैन के समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव से संबंध हैं, लेकिन पार्टी ने इस तरह के किसी भी संबंध से इनकार किया है और दावा किया है कि BJP ने अपने ही आदमी को गिरफ्तार किया है.
Navbharat Times में पब्लिश एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, जैन का किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है और वो सिर्फ एक परफ्यूम डीलर है.
News24 ने 26 दिसंबर को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल के जरिए ट्वीट कर बताया कि वायरल स्क्रीनशॉट फेक है.
मतलब साफ है, कि News 24 बुलेटिन के एक फोटोशॉप किए हुए ग्राफिक वाले ट्वीट का स्क्रीनशॉट कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस गलत दावे से शेयर किया कि चैनल ने अखिलेश यादव से माफी मांगी है.