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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक महिला को भीड़ घेरे हुए है. फिर वीडियो के अगले हिस्से में महिला को पुलिस हिरासत में देखा जा सकता है. आगे वीडियो में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर महिला चप्पल फेकती दिख रही है. वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर कहा जा रहा है कि ये महिला मुस्लिम है.
क्या ये सच है ? : छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर चप्पल फेके जाने की घटना सच है. पर इस घटना में आरोपी महिला मुस्लिम समुदाय से नहीं है. महिला का नाम अश्वनी दागड़े है.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : सबसे पहले हमने घटना से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट्स सर्च कीं. हमें Lokmat Times पर 11 अगस्त 2026 की रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे के हड़पसर इलाके के ससाणेनगर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर एक महिला द्वारा चप्पल और पत्थर फेंकने की कोशिश की. घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. हालांकि, चूंकि प्रतिमा के आसपास कांच लगा था, इसलिए चप्पल प्रतिमा को नहीं छू पाई. यही जानाकारी देती रिपोर्ट हमें Free Press पर भी मिली.
अब आगे हमने सोशल मीडिया पर किए गए सांप्रदायिक दावे की पड़ताल शुरू की. हमने घटना को लेकर दर्ज की गई FIR देखी. 10 अगस्त 2026 को दर्ज की गई इस FIR में शिकायतकर्ता दत्तात्रेय बालासाहेब सावंत हैं. वहीं आरोपी यानी महिला का नाम अश्वनी दागड़े लिखा हुआ है.
मामले को लेकर दर्ज की गई FIR
सोर्स : FIR/https://citizen.mahapolice.gov.in/
निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा सच नहीं है कि पुणे में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर चप्पल फेकती महिला मुस्लिम है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)