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दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान वाला यह ग्राफिक फर्जी है

Donald Trump ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.

Faizan Ahmad
वेबकूफ
Published:
<div class="paragraphs"><p>दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान वाला यह ग्राफिक फर्जी है</p></div>
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दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान वाला यह ग्राफिक फर्जी है

(Altered By The Quint)

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कॉकरोच जनता पार्टी के NEET पेपर लीक के खिलाफ संसद मार्च के प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को दिल्ली में लाठीचार्ज हुआ था. CJP के प्रोटेस्ट के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.

दावा: इस बीच सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक वायरल हो रहा है जिसमें कतिथ तौर पर ट्रंप का बयान दिखाया गया है, इसमें लिखा है कि, "हमारे देश की मिडिया से पता चला है कि इंडिया में युवा छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलियां चलाई गई है इंडियन PM इतना घटिया हो सकता है मैं सोच भी नहीं सकता इंडिया में तानाशाही है."

इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें

(सोर्स - स्क्रीनशॉट/Altered By The Quint)

(ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )

सच क्या है ? ट्रंप ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है, यह वायरल ग्राफिक फर्जी है.

हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल ग्राफिक से सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए. हमारी सर्च में हमें ऐसी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प के इस तरह के बयान देने की पुष्टि की गई हो.

  • इसके सिवा हमने देखा कि वायरल ग्राफिक पर नवभारत टाइम्स का लोगो लगा हुआ था, यहां से अंदाजा लगाकर हमने नवभारत टाइम्स के सोशल मीडिया अकाउंट (यहां और यहां ) को चेक किया.

  • हमारी सर्च में हमें नवभारत टाइम्स के सोशल मीडिया एकाउंट्स या वेबसाइट पर डोनाल्ड ट्रंप के बयान वाला ऐसा कोई ग्राफिक नहीं मिला.

  • इसके उलट हमारी सर्च में हमें नवभारत टाइम्स के X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर यह पोस्ट मिली जिसमें इस वायरल ग्राफिक को फर्जी बताया गया था.

इसके सिवा नवभारत टाइम्स के इंस्टाग्राम अकाउंट को चेक करने हमने पाया कि वायरल ग्राफिक में नजर आ रहा फॉन्ट, नवभारत टाइम्स के ग्राफिक के फॉन्ट से मेल नहीं खा रहा था.

दोनों ग्राफिक के फॉन्ट में अंतर को देखा जा सकता है. 

(सोर्स - स्क्रीनशॉट/Altered By The Quint)

निष्कर्ष: छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ बयान देते ट्रंप के बयान देने वाला ग्राफिक फर्जी है, नवभारत टाइम्स ने भी इसका खंडन किया है.

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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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