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सोशल मीडिया पर नवभारत टाइम्स के लोगो वाला एक ग्राफिक कार्ड वायरल हो रहा है जिसमें डोनाल्ड ट्रंप का पीएम मोदी को लेकर एक बयान दिखाया गया है. इसमें देखा जा सकता है कि ट्रम्प ने कहा है, "हमने इंडिया को बहुत ज्यादा कर्ज दिया है इतना कर्जा इससे पहले इंडिया के किसी पीएम ने नहीं लिया है इतना पैसे का क्या करते हैं इंडिया के पीएम."
इस पोस्ट को ट्रंप का असल बयान बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह ग्राफिक फर्जी है ट्रंप ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें नवभारत टाइम्स के आधिकरिक प्लेटफॉर्म पर ऐसा कोई ग्राफिक नहीं मिला.
इसके बाद हमने इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए लेकिन हमारी सर्च में हमें कोई भी ऐसी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें ट्रम्प के इस बयान की पुष्टि की गई हो. जाहिर है अगर ट्रंप ने यह बयान दिया हॉट तो इसपर ख़बरें जरूर की गई होती.
इसके बाद हमने नवभारत टाइम्स और ट्रंप कीवर्ड की मदद से अपनी सर्च जारी राखी और हमारी सर्च में हमें नवभारत टाइम्स के आधिकरिक X अकाउंट पर यह पोस्ट मिली.
इस पोस्ट में वायरल ग्राफिक के बारे में जानकारी देते हुए वायरल ग्राफिक को फर्जी बताया गया था और इसके साथ ही असली ग्राफिक को जोड़ा गया था.
अमेरिका की तरफ से भारत को दिए गए कर्जे की पूरी जानकारी अमेरिका की आधिकारिक वेबसाइट ForeignAssistance.gov पर मौजूद है. मौजूदा हालिया आकंड़ों के मुताबिक (फरवरी 2026 के अंत तक) के अनुसार भारत के पास लगभग $190.6 बिलियन की अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज (कर्ज का एक प्रकार) मौजूद हैं.
यहां दिए गए आकंड़ों के मुताबिक यह देखा जा सकता है कि बीते वर्षों में कर्ज के तौर पर भारत की होल्डिंग्स में कमी आई है.
भारत और अमेरिका के बीच कर्ज और अन्य लेनदेन की जानकारी यहां देखी जा सकती है.
(सोर्स - स्क्रीनशॉट/foreign assitance.gov)
ट्रम्प ने इससे पहले भी यह बयान दिया था कि अमेरिका ने भारत को 21 मिलियन डॉलर चुनावों के लिए दिए थे तब भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एस.वाई. कुरैशी ने ऐसी सभी रिपोर्ट का खंडन किया था जिनमें कहा गया था कि अमेरिका भारत में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए फंडिंग करता है; उन्होंने इन रिपोर्टों को "पूरी तरह से झूठा और दुर्भावनापूर्ण" करार दिया था.
साल 2025 में कार्यभार संभालने के बाद ट्रंप प्रशासन ने एक एग्जीक्यूटिव आर्डर का हवाला देते हुए भारत समेत के अन्य देशों को मिलने वाली USAID यानी आर्थिक मदद में भारी कटौती कर दी है.
निष्कर्ष: ट्रंप का यह बयान जिसमें वह भारत को कर्जा देने और पीएम मोदी का जिक्र कर रहे हैं फर्जी है, ट्रम्प ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)