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सोशल मीडिया पर एक वायरल तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें कहा जा रहा है कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की महिला प्रवक्ता ‘मोहम्मद दीपक’ नाम के एक व्यक्ति को बधाई दे रही हैं.
यह वायरल क्लिप शेयर करने वालों ने बताया कि AIMIM की महिला अध्यक्ष रुबीना ने मोहम्मद दीपक को बधाई दी.
संदर्भ: उत्तराखंड के कोटद्वार में जब कुछ लोगों ने एक 70 साल के मुस्लिम दुकानदार को उनकी दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाने के लिए मजबूर किया था. उसी वक्त दीपक, जो एक फिटनेस इंस्ट्रक्टर हैं, उन्होंने कथित तौर पर बीच-बचाव किया था.
इस विवाद के बीच वायरल हुए वीडियो में, जब उनसे उनका नाम पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया था, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है.”
क्या दावा सच है?: नहीं, यह दावा गलत है क्योंकि यह फोटो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाया गया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया: सबसे पहले हमने वायरल इमेज पर गूगल रिवर्स इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें इस दावे को साबित करने वाला कोई भरोसेमंद सोर्स नहीं मिला.
फिर हमने यह देखने के लिए इससे सम्बंधित कीवर्ड सर्च किया कि क्या AIMIM और दीपक कुमार के बीच कोई कनेक्शन है.
AIMIM पार्टी चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 70 साल के मुस्लिम आदमी को बचाने के लिए दीपक कुमार की तारीफ की थी, लेकिन हमें इस वायरल दावे को सही साबित करने के लिए कोई तस्वीर नहीं मिली.
तस्वीर में खामियां: वायरल तस्वीर को ध्यान से देखने पर हमने पाया कि तस्वीर का टेक्सचर बनावटी दिखता है. बैकग्राउंड में जो लोग खड़े हैं वो भी सब एकदम सामान्य मुद्रा में खड़े हैं. जिससे इस तस्वीर के AI से बने होने का शक होता है.
इस वजह से हमने वायरल इमेज को AI-डिटेक्शन टूल Sightengine पर चेक किया. जहां पर इस तस्वीर के AI से बने होने की 83 प्रतिशत संभावना जताई गई.
Sightengine के नतीजे यहां देखें जा सकते हैं.
(Source: Sightengine/Screenshot)
निष्कर्ष: वायरल तस्वीर AI का इस्तेमाल करके बनाई गई है और यह कोई असली घटना नहीं है, जैसा कि दावा किया गया है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)