
advertisement
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) में 26 अप्रैल को हुए IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस) विस्फोट में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के 10 सुरक्षाकर्मियों और एक बस चालक की मौत हो गई. ये हमला माओवादियों ने किया था.
हमले के कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया यूजर्स ने कई तस्वीरें शेयर कर ये दावा किया कि ये तस्वीरें उस जगह की हैं जहां हमला हुआ है.
गुजरात में कांग्रेस नेता जगदीथ ठाकोर ने भी एक तस्वीर दंतेवाड़ा की बताकर शेयर की है.
सच क्या है?: इन 6 तस्वीरें में से कोई भी तस्वीर दंतेवाड़ा में सुरक्षाकर्मियों पर हुए हालिया हमले की नहीं है.
हमने पाया कि ये सभी देश भर में हुए अलग-अलग नक्सली या माओवादी हमलों की पुरानी तस्वीरें हैं और अलग-अलग सालों की हैं.
तस्वीर 1:
फोटो में पलटी हुई गाड़ी के आसपास सुरक्षाकर्मियों को देखा जा सकता है.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
Microsoft Bing पर चेक करने पर हमें Daily Mail का एक आर्टिकल मिला. ये आर्टिकल 27 अगस्त 2013 को पब्लिश हुआ था.
ये आर्टिकल 2013 में पब्लिश हुआ था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Daily Mail)
ये स्टोरी ओडिशा के कोरापुट जिले में हुए माओवादी हमले की एक घटना के बारे में है. इस हमले में बीएसफ के 4 जवानों की मौत हो गई थी और दो लोग घायल हुए थे.
Dawn के 2013 एक आर्टिकल में भी यही तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि ये एक लैंडमाइन विस्फोट था.
स्टॉक इमेज वेबसाइट Alamy ने भी यही तस्वीर 2013 में ओडिशा में हुए माओवादी हमले की बताई थी.
Alamy पर ये फोटो 2013 में पब्लिश की गई थी
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Alamy)
तस्वीर 2:
इस फोटो में सुरक्षाकर्मी एक शख्स को ले जाते दिख रहे हैं.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें Firstpost का 27 मई 2013 का एक आर्टिकल मिला.
ये आर्टिकल 2013 में पब्लिश हुआ था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Firstpost)
रिपोर्ट के मुताबिक, फोटो में सुरक्षाकर्मी छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली हमले के बाद एक घायल शख्स को ले जाते दिख रहे हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस हमले में 27 लोगों की जान चली गई और 37 लोग घायल हो गए. इनमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रमुख नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश शामिल थे.
ये तस्वीर 27 मई 2013 को Alamy पर भी पब्लिश की गई थी.
यहां इस घटना की तारीख 26 मई 2013 बताई गई है.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Alamy)
तस्वीर 3:
फोटो में दुर्घटनाग्रस्त गाडियों के पार्ट्स दिख रहे हैं.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
इस तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें 1 मई 2019 का LiveMint पर पब्लिश एक आर्टिकल मिला.
ये आर्टिकल 2019 में पब्लिश हुआ था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/LiveMint)
आर्टिकल के मुताबिक, फोटो में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली इलाके में एक नक्सली हमले के बाद पुलिस वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई दे रहे हैं. आर्टिकल में फोटो के लिए PTI को जिम्मेदार ठहराया है.
हमने PTI आर्काइव चेक और हमें यही फोटो मिली जिसे 2019 में पब्लिश किया गया था.
ये फोटो 1 मई 2019 को पब्लिश की गई थी.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/PTI आर्काइव)
तस्वीर 4:
उलटी पड़ी गाड़ी
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
फोटो को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें The Economic Times पर 18 अप्रैल 2019 का एक आर्टिकल मिला.
ये आर्टिकल 2019 में पब्लिश हुआ था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ET)
रिपोर्ट के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बीजेपी विधायक के काफिले पर माओवादी हमला किया गया था और ये फोटो उसी घटना के बाद की है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि विस्फोट के लिए IED का इस्तेमाल किया गया था और नक्सलियों ने उसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं थीं.
The Scroll के 2019 के एक आर्टिकल में भी इसी फोटो का इस्तेमाल किया गया था. फोटो के लिए PTI को क्रेडिट दिया गया था.
PTI पर भी इस तस्वीर को 9 अप्रैल 2019 का बताकर शेयर किया गया था. इसमें बताया गया था कि बीजेपी विधायक भीमा मंडावी इस हमले में मारे गए.
फोटो को 9 अप्रैल 2019 का बताया गया था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/PTI)
तस्वीर 5:
इस फोटो में एक बड़ा गड्ढा देखा जा सकता है.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
ये तस्वीर हमें 30 मार्च 2016 के BBC के एक आर्टिकल में मिली.
BBC ने ये आर्टिकल 2016 में पब्लिश किया था.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
BBC के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए माओवादी हमले में करीब 7 सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई थी.
हमें NDTV पर भी 2016 का एक आर्टिकल मिला, जिसमें बताया गया था कि मेलावाड़ा और दंतेवाड़ा के बीच सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था. जहां उनका ट्रक एक लैंडमाइन विस्फोट का शिकार हो गया.
तस्वीर 6:
पलटे हुए ट्रक के पास खड़े सुरक्षाकर्मी
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)
हमें ये फोटो The Indian Express के 14 मार्च 2018 को पब्लिश एक आर्टिकल में मिली.
आर्टिकल के मुताबिक, ये घटना मार्च 2018 की है.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Indian Express)
रिपोर्ट के मुताबिक, माओवादियों ने एक माइन प्रोटेक्टेड व्हीकल (MPV) पर IED हमला किया था, जिसमें 9 सीआरपीएफ जवान मारे गए और 2 गंभीर रूप से घायल हो गए.
ये घटना छत्तीसगढ़ के सुकमा के किस्ताराम इलाके में हुई थी, जब जवान पालोदी स्थित अपने कैंप लौट रहे थे.
ये तस्वीर PTI आर्काइव पर भी मिली. जिसे 18 मार्च 2018 को शेयर किया गया था.
PTI ने ये फोटो 2018 में पब्लिश की थी.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/PTI आर्काइव)
निष्कर्ष: ये तस्वीरें छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हाल में ही डीआरजी कर्मियों पर हुए हमले की नहीं, बल्कि पुरानी हैं और अलग-अलग हमलों की हैं.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)