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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए 23 अप्रैल 2026 को वोटिंग हुई, इस बीच कुछ जगहों पर हिंसा और उपद्रव की घटनाएं रिपोर्ट की गई है. ऐसे में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दो लोग बाइक से उतारकर कुल्हाड़ी से किसी परिसर में हमला करते दिख रहे हैं, जल्द ही वहां सुरक्षाबलों की एक यूनिट आती है और उन्हें हिरासत में ले लेती है.
दावा: इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रहे लोग TMC के कार्यकर्ता है और हिंसा शुरू करते ही सुरक्षाबलों ने इन्हें हिरासत में ले लिया.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं है बल्कि बांग्लादेश का है.
वायरल वीडियो में TMC कार्यकर्ता नहीं है बांग्लादेश की एक पार्टी जूबो दल के लोग है, इस वीडियो को पश्चिम बंगाल या वहां हो रहे विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो बांग्लादेशी यूट्यूब न्यूज Channel 24 पर दिखाई दिया, जहां इस वीडियो को 17 अगस्त 2024 को अपलोड किया गया था और इसे बांग्लादेश का बताया गया था.
बांग्ला भाषा में इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें बांग्लादेश की एक न्यूज वेबसाइट Dhaka Post के यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो मिला जिसे 17 अगस्त 2024 को अपलोड किया गया था.
इस वीडियो के टाइटल में लिखा था कि, "हिंसा भड़काते हुए सेना ने जुबो दल के दो कार्यकर्ताओं को पकड़ा | फरीदपुर | ढाका पोस्ट."
हमारी सर्च में हमें 24hourskhobor.com नाम की एक अन्य बांग्लादेशी न्यूज वेबसाइट पर भी इस वायरल वीडियो के बारे में यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें इस घटना को बांग्लादेश के फरीदपुर का बताया गया था.
इस रिपोर्ट में घटना के बारे में जानकारी देते हुए लिखा था कि, "जुबो दल के दो कार्यकर्ता एक दुकान में तोड़फोड़ कर रहे थे, जिसके बाद सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. फरीदपुर के बोअलमारी में दो गुटों के बीच हुई जबरदस्त झड़प के बाद सेना ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. एक गुट के कार्यकर्ताओं ने दूसरे गुट की दुकान में तोड़फोड़ की. यह झड़प पिछले बुधवार (14 अगस्त 2024) को हुई थी. इस लड़ाई का एक वीडियो शनिवार (17 अगस्त 2024) को फेसबुक पर शेयर किया गया." (बांग्ला से हिंदी में अनुवादित)
इस रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है.
(सोर्स - स्क्रीनशॉट/24hourskhobor)
बांग्लादेश की एक अन्य प्रतिष्ठित न्यूज वेबसाइट Rtv ने अपने फेसबुक पेज पर की गई इस पोस्ट में इस घटना को बांग्लादेश का बताया था.
निष्कर्ष: बांग्लादेश में हिंसा के दौरान सेना की हिरासत में लिए गए लोगो के वीडियो को TMC कार्यकर्ताओं और बंगाल का बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)