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‘हमें राम या हनुमान की जरूरत नहीं’, क्या अखिलेश यादव ने कहा ऐसा?

समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के बयान को सोशल मीडिया पर गलत तरह से पेश किया जा रहा है.

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सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने समाजवादी पार्टी (SP) नेता अखिलेश यादव के हवाले से एक गलत बयान चलाया. इन यूजर्स ने दावा किया कि अखिलेश यादव ने कहा है कि 2022 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए "हमें राम या हनुमान की जरूरत नहीं."

फरवरी 2020 में हुए हिंदुस्तान शिखर समागम में यादव के भाषण को गलत तरह से पेश किया जा रहा है. कार्यक्रम में, जब होस्ट ने उनसे पूछा कि क्या वो कृष्ण का सहारा लेंगे, क्योंकि बीजेपी के पास राम और केजरीवाल के पास हनुमान है, यादव ने कहा था, “मैं काम का साथ लूंगा.”

दावा

सोशल मीडिया यूजर्स ने एक फोटो शेयर की, जिसमें अखिलेश यादव के हवाले से कहा गया है, "2022 में UP में बनेगी सपा की सरकार हमें राम और हनुमान की जरूरत नही।"

यूजर्स ने फोटो के साथ कैप्शन में लिखा, "टोंटी चोर पहले बोलता था कि हमें "#राम और #हनुमान" की जरूरत नहीं और अब बोल रहा कि इटावा में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर बनाएंगे."

(फोटो: ट्विटर)
(फोटो: ट्विटर)
(फोटो: ट्विटर)

हमें जांच में क्या मिला?

कीवर्ड सर्च करने के बाद, हमें फरवरी 2020 में हुए हिंदुस्तान शिखर समागम पर कई रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें अखिलेश यादव के पूरे बयान को बताया गया है.

News18 के मुताबिक, अखिलेश यादव ने कहा था, "मुझे राम और हनुमान को पकड़ने की जरूरत नहीं, काम को पकड़ूंगा."

(फोटो: News18)

पंजाब केसरी, डेक्कन हेराल्ड जैसे न्यूज संगठन ने भी यही बयान रिपोर्ट किया था.

ABP न्यूज बुलेटिन ने समागम कार्यक्रम का एक वीडियो अपलोड किया था. वीडियो में करीब 24 मिनट पर, होस्ट कहती सुनी जा सकते हैं, "केजरीवाल ने हनुमान जी को पकड़ लिया है, बीजेपी ने राम को, आप कृष्ण जी को पकड़ लीजिए. यदुवंशी हैं आप."

इस सवाल पर अखिलेश यादव (करीब 25:10 पर) कहते हैं, “हम काम को पकड़े हैं. एक्सप्रेस वे बना रहे हैं.”

इससे साफ होता है कि अखिलेश यादव के बयान को गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है.

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