
advertisement
कसोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट में ये दावा किया जा रहा है कि ईरान में चल रहे हालिया संकट के बीच 1 करोड़ लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़ दिया है. वायरल पोस्ट में आगे ये भी दावा किया जा रहा है कि ईरान के संकट का असर भारत में भी दिख रहा है और इस्लाम धर्म छोड़ने की एक मुहिम बड़ा रूप ले चुकी है.
आर्थिक संकट, महंगाई और मानवाधिकार हनन को लेकर सरकार के खिलाफ आक्रोश के कारण ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों पर सरकार की सख्त कार्रवाई ने इसे गंभीर राजनीतिक और मानवाधिकार संकट बना दिया है. इसी हालिया संकट से जोड़कर पोस्ट शेयर किया जा रहा है.
क्या ये सच है ? : वायरल पोस्ट में 1 करोड़ लोगों के इस्लाम छोड़ने का दावा बिना किसी आधार के किया गया है. इसमें किसी डेटा, सर्वे, एनजीओ या अन्य किसी आधिकारिक सोर्स का जिक्र नहीं है.
कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि ईरान में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने इस्लाम धर्म छोड़ दिया है. पर 1 करोड़ के आंकड़े का जिक्र कहीं नहीं है.
ईरान में धर्म छोड़ने वालों की संख्या ? : हमने ऐसी रिपोर्ट्स सर्च कीं, जिनमें ईरान और भारत में इस्लाम धर्म छोड़ने वालों की संख्या का जिक्र हो. ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिलीं, जो हालिया प्रदर्शनों के बीच जारी की गई हों. हालांकि, पुरानी कुछ रिपोर्ट्स में ईरान में लोगों की बदलती धार्मिक मान्यताओं की बात जरूर सामने आई है.
2025 में छपी एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में 32 प्रतिशत लोगों ने खुद को शिया मुस्लिम बताया, 22 प्रतिशत ने किसी भी धर्म से जुड़ी पहचान (Nons) नहीं बताई,
9 प्रतिशत ने खुद को नास्तिक, 8 प्रतिशत ने आध्यात्मिक और 6 प्रतिशत ने अज्ञेयवादी (Agnostic) के रूप में अपनी पहचान बताई.
इसके अलावा, छोटे समूहों में 0.5 प्रतिशत ने खुद को बहाई और 0.1 प्रतिशत ने यहूदी बताया. सर्वे में शामिल 8 प्रतिशत ने पारसी धर्म से अपनी पहचान जोड़ी.
इस सर्वे में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि कैसे धार्मिक कट्टरता के चलते लिए गए फैसलों, हिंसा का असर ईरान में लोगों की आस्था पर पड़ रहा है.
हालांकि, 1 करोड़ मुसलमानों के धर्म छोड़ने का जिक्र यहां कहीं नहीं है.
PEW रिसर्च सेंटर की तरफ से 2023 से 2024 के बीच एक सर्वे किया गया. इसमें बताया गया कि दुनिया भर के जिन देशों में इस्लाम धर्म को मानने वाले बड़ी तादात में हैं, वहां कितने व्यस्क लोगों ने धर्म छोड़ा और कितने अन्य धर्म के लोगों ने इस्लाम अपनाया. इस रिपोर्ट में 36 देशों में किए गए सर्वे के आंकड़े हैं. ऐसे 13 देशों की लिस्ट नीचे देखी जा सकती है, जहां सर्वाधिक बदलाव हुए.
13 देशों में इस्लाम धर्म छोड़ने और अपनाने वाले लोगों के आंकड़े.
भारत के सर्वे में शामिल एक भी मुस्लिम शख्स ऐसा नहीं था जिसने इस्लाम धर्म छोड़ा हो. साथ ही ऐसा कोई गैर-मुस्लिम शख्स भी नहीं था, जिसने इस्लाम धर्म अपनाया हो.
तुर्की में 3%, घाना में 2% और केन्या, नाइजीरिया, सिंगापुर में 1-1% लोगों ने इस्लाम छोड़ा.
ये सच है कि तमाम रिसर्च बताती हैं कि दुनिया में धर्म छोड़ने वालों की संख्या में पिछले दशक में तेजी आई है.
PEW रिसर्च के ही आंकड़े बताते हैं कि 2010 से 2020 के बीच ऐसे लोगों की संख्या 270 मिलियन बढ़ गई है. इस हिसाब से लगभग एक चौथाई लोग ऐसे हैं जो खुद को किसी भी धर्म से जुड़ा हुआ नहीं बताते.
धर्म न मानने वालों की संख्या
हालांकि, इस रिपोर्ट में कहीं भी ये उल्लेख नहीं है कि दुनिया भर में इस्लाम धर्म छोड़ने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है.
हमें ऐसा कोई आधिकारिक डेटा नहीं मिला, जिससे पुष्टि होती हो कि हाल में ईरान संकट के चलते 1 करोड़ मुसलमानों ने इस्लाम धर्म छोड़ दिया.
निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर किए जा रहे इस दावे का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है कि 1 करोड़ लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़ दिया.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)