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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का समर्थन करते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में होने वाले मैचों को लेकर चिंता जताई है. बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान की भागीदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं. आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि अगर पाकिस्तान भी बांग्लादेश की तरह टूर्नामेंट का बहिष्कार करता है, तो उस पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद ही टीम के खेलने या न खेलने का निर्णय होगा.
Hindustan Times के अनुसार, बांग्लादेश के बाहर होने के बाद पाकिस्तान ने बीसीबी का समर्थन किया और आईसीसी से मैचों को भारत से बाहर कराने की मांग की थी. हालांकि, आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग को खारिज कर दिया और स्कॉटलैंड को उनकी जगह शामिल कर लिया. पाकिस्तान के लिए यह फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है.
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है तो उसकी जगह युगांडा को शामिल किया जाएगा. साथ ही, पाकिस्तान को आईसीसी की वार्षिक राजस्व हिस्सेदारी, प्रायोजन राशि और 5 लाख अमेरिकी डॉलर की भागीदारी फीस का नुकसान उठाना पड़ेगा.
Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर वह बांग्लादेश की तरह टूर्नामेंट का बहिष्कार करता है, तो उसके खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज, एशिया कप और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों के लिए एनओसी जारी नहीं की जाएगी.
“अगर पाकिस्तान भी टी20 वर्ल्ड कप नहीं खेलता है, तो आईसीसी उस पर कड़े प्रतिबंध लगाएगा, जिसमें किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं होगी, पीएसएल के लिए विदेशी खिलाड़ियों को एनओसी नहीं मिलेगी और एशिया कप में भागीदारी नहीं होगी.”
इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया, पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी के बयानों से आईसीसी नाराज है और उसने पाकिस्तान को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. नकवी ने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री की वापसी के बाद सरकार द्वारा लिया जाएगा.
“हमारी नीति और स्थिति स्पष्ट है. जब समय आएगा और सरकार निर्णय लेगी, तो सबको पता चल जाएगा. हम आईसीसी के अधीन नहीं हैं; हम अपनी सरकार को जवाबदेह हैं.”
इस रिपोर्ट में जिक्र है, नकवी ने आईसीसी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि बांग्लादेश के साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की टीम को खेलने या न खेलने का निर्णय पूरी तरह सरकार के हाथ में है.
इस लेख में जोड़ा गया, पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल ने पीसीबी पर बांग्लादेश को गुमराह करने का आरोप लगाया और आईसीसी के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने बड़ा नुकसान उठाया है और पाकिस्तान की भूमिका इस विवाद में अहम रही है.
जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है, शाहिद अफरीदी और जेसन गिलेस्पी ने आईसीसी की नीतियों की आलोचना की और बांग्लादेश के मामले में असंगति का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आईसीसी को सभी सदस्य देशों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.