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तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 साल की उम्र में निधन

मुकुल रॉय ने 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

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<div class="paragraphs"><p>तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 साल की उम्र में निधन</p></div>
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तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का 71 साल की उम्र में निधन

(फोटो: X)

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पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का 23 फरवरी 2026 को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 71 वर्ष के थे. उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि मुकुल रॉय पिछले कई दिनों से कोमा में थे और सोमवार तड़के 1:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. मुकुल रॉय लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल के वर्षों में सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे.

The Hindu के अनुसार, मुकुल रॉय ने 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इससे पहले वे कांग्रेस के सदस्य थे. 2017 में पार्टी से मतभेद के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थामा और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया. 2021 के विधानसभा चुनाव में वे भाजपा के टिकट पर कृष्णानगर उत्तर से विधायक बने, लेकिन चुनाव के बाद टीएमसी में लौट आए.

Hindustan Times की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकुल रॉय को टीएमसी के रणनीतिकार के रूप में जाना जाता था और 2011 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की ऐतिहासिक जीत में उनकी अहम भूमिका रही. 2012 में वे केंद्र सरकार में रेल मंत्री बने, हालांकि उनका कार्यकाल केवल मार्च से सितंबर तक रहा. बाद में नारदा स्टिंग ऑपरेशन विवाद के चलते पार्टी में उनका प्रभाव कम हुआ और 2017 में उन्हें निष्कासित कर दिया गया.

Scroll ने बताया, मुकुल रॉय ने 2009 से 2011 तक केंद्रीय शिपिंग राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया. 2021 में भाजपा के टिकट पर विधायक बनने के बाद, उन्होंने टीएमसी में वापसी की, जिससे उनके खिलाफ दलबदल कानून के तहत अयोग्यता की कार्यवाही शुरू हुई. नवंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित किया, लेकिन जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी.

इस रिपोर्ट में उल्लेख है, मुकुल रॉय का निधन कोलकाता के साल्ट लेक स्थित अपोलो अस्पताल में हुआ, जहां उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. उनके बेटे ने पुष्टि की कि वे पिछले कुछ समय से गंभीर रूप से बीमार थे.

मुकुल रॉय के स्वास्थ्य संबंधी संघर्षों पर इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया, कि वे पिछले दो-तीन वर्षों से बीमार चल रहे थे और सक्रिय राजनीति से दूर हो गए थे. भाजपा नेता दिलीप घोष ने उन्हें अनुभवी राजनेता बताया और कहा कि वे भाजपा में भी सम्मानित थे.

उनकी शिक्षा के बारे में इस लेख में जोड़ा गया, कि मुकुल रॉय ने कोलकाता विश्वविद्यालय से बीएससी और मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से 2006 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए की डिग्री प्राप्त की थी.

Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.

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