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देशभर में नागरिकता कानून के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर लखनऊ के घंटाघर तक, महिलाएं हटने का नाम नहीं ले रहीं. इन महिलाओं के प्रदर्शन को कमजोर करने के लिए सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. ऐसा ही एक दावा लखनऊ में प्रदर्शन को लेकर सामने आया है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक लड़की को ये कहते सुना जा सकता है- महिलाओं को यहां बुलाया जा रहा है और प्रदर्शन करने के लिए उन्हें 500 रुपये और बिरयानी दी जा रही है. अब आप मुझे बताएं कि 500 रुपये में क्या होता है?
इस क्लिप को सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि महिलाओं ने अब प्रदर्शन के लिए पैसे मिलने की बात को कबूल लिया है. एक यूजर ने फेसबुक पर इस वीडियो क्लिप को शेयर करते हुए लिखा, 'अब तो कबूल कर लिया कि औरतों को 500 रुपए दे कर बुलाया जा रहा है और ऐ मोहतरमा 500 रुपये से अधिक की मांग कर रही है.'
इस पोस्ट के अर्काइव्ड वर्जन को यहां देखा जा सकता है.
इसी वीडियो को ट्विटर पर भी इसी दावे के साथ शेयर किया गया. यूजर ने लिखा, 'इस वीडियो में लड़की साफ कह रही है कि #CAA बिल का झूठा प्रदर्शन करने के लिए 500 रुपये और बिरयानी मिल रही है.'
इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. इस क्लिप को एक वीडियो से ट्रिम किया गया है, जिससे ये लग रहा है कि महिलाएं प्रदर्शन के लिए पैसे लेने की बात कबूल रही हैं.
हकीकत में, ये लड़की उत्तर प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी के उस आरोप का जवाब दे रही थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं को पैसे देकर प्रदर्शन में बुलाया जा रहा है.
वीडियो को ध्यान से देखने पर, हमने देखा कि उसमें 'लखनऊ लाइव' का लोगो लगा है.
हमने इसे यूट्यूब पर सर्च किया और ये चैनल मिला. इस चैनल पर उस क्लिप का पूरा वीडियो मौजूद है, जिसमें लड़की रिजवी के बयान पर जवाब दे रही है.
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.