Home Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Hindi Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Webqoof Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019PM की रैली में भीड़, ओवैसी - शाह की बैठक का दावा करती फेक तस्वीरें

PM की रैली में भीड़, ओवैसी - शाह की बैठक का दावा करती फेक तस्वीरें

इस हफ्ते सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावे और उनका सच जानिए

टीम वेबकूफ
वेबकूफ
Published:
इस हफ्ते सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावे और उनका सच 
i
इस हफ्ते सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावे और उनका सच 
फोटो : Altered by Quint

advertisement

बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के प्रचार ने जोर पकड़ लिया है. इसी के साथ शुरू हो चुका है चुनाव को लेकर किए जा रहे झूठे और भ्रामक दावों का सिलसिला. इस सप्ताह चुनाव से जुड़े ऐसे ही दावों की भरमार रही.

कभी एडिटेड फोटो शेयर कर ये झूठा दावा किया गया कि अमित शाह और असदुद्दीन ओवैसी ने मुलाकात की. तो कभी बीजेपी के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स से ही 2019 की फोटो को 2021 में हुई पीएम मोदी की रैली का बताकर शेयर किया.

पीएम मोदी की फोटो को एडिट कर उन्हें कोकीन तस्करी की आरोपी बीजेपी नेता के साथ भी एक फ्रेम में दिखाया गया. सप्ताह के ऐसे ही झूठे दावे और उनका सच जानिए एक नजर में.

1. रैली में भीड़ दिखाने के लिए BJP ने शेयर की पुरानी फोटो.

सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर कर इसे पश्चिम बंगाल में 7 मार्च को पीएम मोदी की रैली में उमड़ा जनसैलाब बताया गया. पंजाब बीजेपी के ऑफिशियल फेसबुक पेज से भी फोटो इसी दावे से शेयर की गई.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ ट्विटर

वेबकूफ की पड़ताल में सामने आया कि ये फोटो साल 2019 में हुई लेफ्ट प्रंट की रैली की है. पिछले महीने सरल पटेल समेत कई कांग्रेस समर्थकों ने इस फोटो को कांग्रेस और सीपीआई (एम) की रैली का बताकर शेयर किया था.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ ट्विटर

तमिलनाडु बीजेपी के प्रवक्ता एसजी सूर्या ने भी यह फोटो पश्चिम बंगाल में हुई मोदी की रैली का बताकर ट्वीट की थी. हालांंकि बाद में उन्होंने ट्वीट डिलीट कर दिया. एक ट्वीट के जवाब में जीएस सूर्या ने ये स्वीकारा भी कि उन्होंने फोटो ट्वीट करने के 3 मिनट बाद डिलीट कर दी थी.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ ट्विटर

नरेंद्र मोदी की सभा में भारी संख्या में लोग आए थे, ये सच है. लेकिन बीजेपी पंजाब के ऑफिशियल फेसबुक पेज और बीजेपी प्रवक्ता जीएस सूर्या समेत कई यूजर्स ने जिस फोटो को 7 मार्च, 2021 का बताकर शेयर किया वह असल में 2019 की है. वायरल फोटो का पश्चिम बंगाल के हालिया चुनाव प्रचार से कोई संबंध नहीं है.

पूरी पड़ताल यहां देखें

2.चुनावी सरगर्मी के बीच नहीं हुई शाह और ओवैसी की बैठक

सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एडिटेड फोटो को शेयर कर कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि ओवैसी, बीजेपी के लिए टीम बी की तरह काम करते हैं. फोटो में शाह और ओवैसी साथ बैठे दिख रहे हैं.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ फेसबुक

फरवरी 2018 में ओवैसी ने मूसी नदी के विकास से जुड़े एक प्रोजेक्ट को लेकर आईएएस अफसर नवीन कुमार से मुलाकात की थी. वहीं दिसंबर, 2020 में अमित शाह की पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात हुई थी. इन दो अलग-अलग मौकों की फोटो को एडिट कर ये झूठ फैलाया गया.

असदुद्दीन ओवैसी के ऑफिशियल फेसबुक पेज से 28 फरवरी, 2018 को यह फोटो पोस्ट की गई थी. लेकिन असली फोटो में सामने अमित शाह बैठे नहीं दिख रहे हैं.

सोर्स : स्क्रीनशॉट/ फेसबुक

ओवैसी का लिबास वही है जो वायरल फोटो में है. ओवैसी के बगल में बैठा वही शख्स इस फोटो में भी देखा जा सकता है, जो वायरल फोटो में है.

फोटो : Altered by Quint Hindi

ट्रिब्यून की 2 दिसंबर की रिपोर्ट में अमित शाह और कैप्टन अमरिंदर सिंह की वह फोटो है, जिसे एडिट किया गया. अमित शाह की फोटो का डायरेक्शन बदलकर उसे असदुद्दीन ओवैसी की फोटो के साथ जोड़ा गया.

फोटो : Altered by Quint Hindi

अमित शाह जिस सोफे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ वाली फोटो में दिख रहे हैं, वही सोफा वायरल फोटो में देखा जा सकता है. अमित शाह का लिबास भी बिल्कुल वही है. साफ है कि दो अलग-अलग तस्वीरों को एडिट कर इस झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि अमित शाह और ओवैसी ने साथ बैठक की.

फोटो : Altered by Quint Hindi

पूरी पड़ताल यहां देखें

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT

3. बदरुद्दीन ने नहीं कहा ‘इस्लामिक देश बन जाएगा भारत’, फेक है वीडियो

AIUDF के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल की एक एडिट की हुई क्लिप इस झूठे दावे से वायरल हुई कि उन्होंने कहा है - अगर कांग्रेस-AIDUF गठबंधन की सरकार असम में सत्ता में आती है तो भारत ''इस्लामिक देश'' बन जाएगा.

ABP News की पत्रकार आस्था कौशिक ने 36 सेकंड के इस वीडियो को इस दावे से शेयर किया है, ''All India United democratic front party के बदरूद्दीन अजमल कह रहे हैं कि भारत जल्द ही इस्लामिक स्टेट बनेगा! क्या अब कांग्रेस पार्टी इसपर अपनी राय ज़ाहिर करेगी? क्योंकि इसी AIUDF के साथ असम में कांग्रेस गठबंधन है.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ट्विटर 

पत्रकार दीपक चौरसिया ने भी यही दावा किया.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर 

हमने वह पूरा वीडियो देखा, जिसे एडिट कर शेयर किया जा रहा है.

21 मिनट लंबे इस वीडियो के 4 मिनट 30 सेकंड के बाद बदरुद्दीन लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे हैं, ''मैं बहुत कुछ कहना चाहता हूं, लेकिन हमारे पास ज्यादा समय नहीं है. ये चुनाव हमारे लिए बच्चों का खेल नहीं है. ये पंचायत चुनाव नहीं है और न ही विधानसभा चुनाव. ये चुनाव इस बात का फैसला करेगा कि दिल्ली की पीएम कुर्सी पर कौन बैठेगा. क्या आप मोदी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं?''

वीडियो के 5 मिनट 49 सेकंड में उन्हें मुगलों के बारे में कहते हुए सुना जा सकता है.

क्या आप जानते हैं कि भारत में मुगलों ने 800 सालों तक शासन किया लेकिन उन्होंने कभी भी ऐसा सपना नहीं देखा कि भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाना है. अगर वे चाहते तो इन 800 सालों के दौरान देश में कोई हिंदू नहीं बचता सब मुस्लिम बन गए होते. लेकिन क्या उन्होंने ऐसा किया?... यहां तक उन्होंने ऐसा करने की कोशिश भी नहीं की. उनके पास ऐसा करने की हिम्मत नहीं थी.’’

6 मिनट 22 सेकंड से अंग्रेजों के बारे में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने देश में 200 सालों तक शासन किया. ''उन्होंने भारत को ईसाई राष्ट्र बनाने का साहस नहीं किया. उसके बाद जब भारत को आजादी मिली तो देश में कांग्रेस ने 70 सालों में 55 सालों तक शासन किया. नेहरू (जवाहरलाल नेहरू), शास्त्री (लाल बहादुर शास्त्री), राजीव गांधी से लेकर सिंह (मनमोहन सिंह) और नरसिम्हा राव तक, किसी भी कांग्रेसी नेता ने देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का सपना नहीं देखा

इसी भाषण के वीडियो को एडिट कर ये दिखाने की कोशिश की गई है कि अजमल ने ऐसा बयान दिया है. AIUDF के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से इस लंबे वीडियो की एक क्लिप ट्वीट की गई है और लिखा गया है कि, ''ये है ओरिजिनल वीडियो. इस वीडियो की अलग-अलग क्लिप को जोड़कर एक वीडियो बनाया गया है.''

4. केरल में बीजेपी नेता ने किया अच्छे बीफ का वादा ?

4 मार्च को कांग्रेस नेता सलमान निजामी ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट शेयर कर ट्वीट किया - “BJP candidate in Kerala promises clean, good quality beef to voters. Hypocrisy thy name is BJP. Bhakt log bajav tali

ट्वीट का हिंदी अनुवाद है - केरल में बीजेपी कैंडिडेट ने वोटरों से अच्छे बीफ का वादा किया. भक्त लोग बजाओ ताली.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर

हिंदुस्तान टाइम्स का आर्टिकल अप्रैल 2017 का है, ये डेटलाइन से ही साफ हो रहा है. द क्विंट की 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वालिटी बीफ का वादा करने के बाद श्री प्रकाश ने सफाई देते हुए कहा था कि वे गौ हत्या के खिलाफ हैं. इस 3 साल पुरानी रिपोर्ट को ही हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है.

पूरी पड़ताल यहां देखें

5.कोकीन तस्करी की आरोपी पामेला संग PM मोदी की फेक फोटो वायरल

पश्चिम बंगाल बीजेपी युवा मोर्चा की नेता पामेला गोस्वामी के साथ साइकिल चलाते दिख रहे पीएम मोदी की एक फोटो वायरल हुई. 19 फरवरी को पामेला गोस्वामी को पश्चिम बंगाल के हूगली जिले से 100 ग्राम कोकीन की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ ट्विटर

वायरल हो रही एडिटेड फोटो का असली वर्जन प्रधानमंत्री ने 28 जून, 2017 को इंस्टाग्राम पर शेयर किया था. फोटो शेयर करते हुए पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री का साइकिल गिफ्ट करने पर आभार व्यक्त किया था.

सोर्स : स्क्रीनशॉट/ इंस्टाग्राम

हमें पामेला गोस्वामी की 1 दिसंबर, 2020 की वह फोटो भी मिली जिसमें वे बीजेपी की रैली में साइकिल पर सवार होकर शामिल हुई थीं. पामेला ने यह फोटो फेसबुक पर शेयर की थी. इसी फोटो को एडिटिंग के जरिए पीएम मोदी की साइकिल वाली फोटो के साथ जोड़ा गया है.

वायरल फोटो और असली तस्वीरों के बीच का फर्क यहां देखा जा सकता है.

फोटो : Altered by Quint Hindi

6. हुमायूं का नहीं राणा वीरसाल का बेटा था अकबर? झूठे दावे का सच जानिए

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मैसेज में दावा किया गया कि मुगल शासक अकबर हुमायूं नहीं बल्कि राणा वीरसाल का बेटा था.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें सोर्स : स्क्रीनशॉट/ फेसबुक

हमने इस दावे की पुष्टि के लिए इतिहासकार सतीश चंद्रा की किताब 'History of Medieval India: (800-1700)' को पढ़ा. इसमें साफ-साफ लिखा है कि जब हुमायूं बीकानेर से पीछे हट रहा था तब उसे अमरकोट के राणा ने सहायता दी थी और यहीं अकबर का जन्म हुआ. जब हुमायूं ईरान की तरफ बढ़ा तब अकबर के चाचा ने अकबर को कैद कर लिया.

अकबर का जन्म अमरकोट में हुआ थासोर्स: सतीश चन्द्रा की किताब) 

हमने अकबर की बायोग्राफी 'Allahu Akbar: Understanding the Great Mughal in Today's India' लिखने वाले मणिमुग्ध शर्मा से संपर्क किया. उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए बताया कि:

17 मई, 1540 को हुए कन्नौज के युद्ध में शेरशाह सूरी के हाथों हुमायूं की हार होती है. ये सच है. उसके बाद हुमायूं लाहौर चला जाता है. निर्वासन के समय में ही हुमायूँ ने अपने छोटे भाई हिन्दाल के आध्यात्मिक गुरु, फ़ारस के निवासी शिया मीर बाबा दोस्त उर्फ ‘मीर अली अकबरजामी’ की पुत्री हमीदा बानो बेगम से 1541 ई. को निकाह कर लिया और हमीदा बानो बेगम प्रेग्नेंट हो जाती हैं. उन्होंने इस दौरान कहा कि हुमायूं अभी भी हिंदुस्तान में ही था, भले ही वो निर्वासित जीवन जी रहा था.

हमने डीयू के रिटायर्ड प्रोफेसर और इतिहासकार हरबंस मुखिया से भी संपर्क किया. उन्होंने भी इस दावे को खारिज करते हुए इसे इतिहास के साथ छेड़छाड़ बताया. उन्होंने इस पूरे दावे को महज एक बकवास बताया.

अकबर के जन्म के समय हुमायूं हिंदुस्तान में ही रहता है. हालांकि, राणा वीरसाल के महल में अकबर का जन्म होता है लेकिन इससे ये सच्चाई तो नहीं बदल जाती कि वो हुमायूं का बेटा था.
क्विंट से बातचीत में इतिहासकार हरबंस मुखिया

पूरी पड़ताल यहां देखें

Published: undefined

ADVERTISEMENT
SCROLL FOR NEXT