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राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों में जांच के लिए SIT का गठन किया गया है जिसके बाद अब तक आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है. इसके साथ ही ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय और अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है.
इस बीच सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता मनोज तिवारी के बयान का बताकर एक ग्राफिक वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि, " राममंदिर हमने बनवाया है, हम लूटे, चोरी करे या बेच दे, विपक्ष को क्या लेना देना। जनता का पैसा हम खाये है, विपक्ष क्या उखाड लेगा मेरा."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह ग्राफिक फर्जी है, बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने गूगल पर इससे संबंधित कीवर्ड्स सर्च किए. हमारी सर्च में हमें ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट या आधिकारिक पोस्ट नहीं मिली जिसमें मनोज तिवारी के यह बयान देने की पुष्टि की गई हो.
जाहिर है कि अगर मनोज तिवारी ने राम मंदिर के चंदे को लेकर इस तरह का कोई बयान दिया होता तो इस पर खबरें जरूर की गईं होती.
क्योंकि इस ग्राफिक पर नवभारत टाइम्स का लोगो लगा हुआ था इसलिए हमनें नवभारत टाइम्स की आधिकारिक वेबसाइट और उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स भी चेक किए. हमारी सर्च में हमें इससे सम्बंधित कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च में हमें नवभारत टाइम्स हिंदी के X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर 22 जून 2026 का यह पोस्ट मिला जिसमें नवभारत टाइम्स ने इस पोस्ट को फर्जी अकाउंट बताया था.
इसके सिवा मनोज तिवारी के सोशल मीडिया एकाउंट्स की जांच करने पर हमें 22 जून 2026 को मनोज तिवारी के आधिकारिक X अकाउंट पर कई ऐसे पोस्ट्स मिले जिसमें उन्होंने इन दावों को भ्रामक बताया था और इसके साथ ही नवभारत टाइम्स की स्पष्टीकरण वाली पोस्ट को भी अपने अकाउंट से रिशेयर किया था.
निष्कर्ष: राम मंदिर का चंदा चोरी के आरोपों को लेकर मनोज तिवारी के बयान का बताकर वायरल हो रहा नवभारत टाइम्स का ग्राफिक असली नहीं फर्जी है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)