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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि JCB की मदद से एक मस्जिद के कुछ हिस्सों को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है.
दावा: इस पोस्ट को नेपाल में हुए हालिया घटनाक्रम से जोड़कर शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में नेपाल के धनुषा के सखुवा में मस्जिद को तोड़ा जा रहा है.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो नेपाल का नहीं है बल्कि पाकिस्तान का है.
वायरल वीडियो सियालकोट जिले के डस्का शहर के जैसरवाला इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान डस्का की सबसे पुरानी मस्जिद, नूर मस्जिद को गिराए जाने का है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो Day Time Sialkot नाम के इस फेसबुक पेज पर मिला.
यह वीडियो इस पेज पर 02 जनवरी को पोस्ट किया गया था और इसके कैप्शन में लिखा था, “सरकार ने नए साल की शुरुआत में सियालकोट के दसका शहर में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है. इस बीच, दसका की मुख्य जामिया मस्जिद को गिराया जा रहा है.”
रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमें पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स की कई पोस्ट मिलीं जिनमें यही वीडियो थी इन्हें यहां और यहां देखा जा सकता है.
इन पोस्ट के मुताबिक यह वीडियो पाकिस्तान का है और इसमें पाकिस्तान के सियालकोट जिले के डस्का शहर में स्थित नूर मस्जिद को गिराते हुए दिखाया गया है, जिसे डस्का की सबसे पुरानी मस्जिद माना जाता है.
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें इस मस्जिद के संबंध में पाकिस्तान की सियालकोट पुलिस का यह आधिकारिक X पोस्ट मिला जिसमें लिखा था कि, "जिला प्रशासन डस्का, कॉलेज रोड पर नूर मस्जिद के कुछ हिस्सों का फिर से निर्माण कर रहा है. प्रशासन के एक फ्लेक्स बैनर पर लिखा है: "इस मस्जिद को दोबारा बनाने के लिए तोड़ा जा रहा है."
लोगों से अनुरोध है कि वे किसी भी तरह के नेगेटिव प्रोपेगेंडा पर ध्यान न दें, जिससे देश में शांति भंग हो सकती है या धार्मि नफरत फैल सकती है."
नेपाल का जिक्र क्यों ? जनवरी 2026 की शुरुआत में दक्षिणी नेपाल के धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और धार्मिक ग्रंथों को अपवित्र करने के बाद सांप्रदायिक तनाव भड़क गई थी. मीडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा तब शुरू हुई जब कथित तौर पर एक वायरल टिकटॉक वीडियो में हिंदू विरोधी टिप्पणियां की गईं थीं. उसके बाद हिंसा भड़की थी और अफवाह थी कि बीरगंज में एक मस्जिद को गिरा दिया गया है लेकिन ऐसा नहीं है मस्जिद की खिड़कियां टूटी थीं और इमारत एक कुछ हिस्से को भी नुकसान पंहुचा था.
नेपाल में दोनों पक्षों के नेताओं के बीच शांति वार्ता और इसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी के बाद 7 जनवरी 2026 तक शांति बहाल कर दी गई थी.
निष्कर्ष: पाकिस्तान के सियालकोट में नूर मस्जिद टूटने के वीडियो को नेपाल का बताकर भ्रामक दावों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
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