
advertisement
सोशल मीडिया पर 'हजरत हाजी पीर बाबा रानी बाग' लिखे हुए एक साइनबोर्ड की फोटो शेयर की जा रही है. दावा किया जा रहा है कि मुंबई (Mumbai) के एकमात्र चिड़ियाघर वीर माता जीजाबाई भोसले उद्यान और चिड़ियाघर, जिसे रानीबाग भी कहा जाता है, का नाम बदलकर एक मुस्लिम संत के नाम पर कर दिया गया है.
हालांकि, हमने पाया कि जिस बोर्ड की फोटो शेयर की जा रही है, वो चिड़ियाघर के अंदर मौजूद एक दरगाह के लिए रास्ता बताने वाले एक बोर्ड की फोटो है, न कि चिड़ियाघर के बदले हुए नाम के बोर्ड की.
मुंबई चिड़ियाघर ने बोर्ड से संबंधित एक स्पष्टीकरण भी जारी किया है. इसमें बताया गया है कि 1861 में चिड़ियाघर की स्थापना के समय से ही दरगाह चिड़ियाघर का हिस्सा रहा है और बोर्ड को कुछ सालों से इसलिए लगाया गया है, ताकि वहां जाने वाले लोगों को रास्ता बताने में मदद की जा सके.
इस बोर्ड की फोटो शेयर करते हुए, राणे ने सीएम उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी अब अपना नाम बदल देगी क्योंकि चिड़ियाघर का नाम बदलकर एक मुस्लिम संत के नाम पर कर दिया गया है.
हमने चिड़ियाघर की वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट सर्च किए. हमें एक ट्विटर अकाउंट मिला.
'@TheMumbaiZoo' यूजरनेम वाले इस अकाउंट को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के वेरिफाइड अकाउंट फॉलो करते हैं. इस अकाउंट से वायरल बोर्ड की फोटो से संबंधित एक स्पष्टीकरण ट्वीट किया गया था.
चिड़ियाघर ने स्पष्ट किया कि ये बोर्ड दिशादर्शक बोर्ड है
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)
मराठी में किए गए ट्वीट में बताया गया है, ''रानी बाग के एक छोर पर दरगाह है. उसका नाम हजरत हाजी पीर बाबा रानीबागवाले है. ये दरगाह 1861 में रानी बाग की स्थापना के बाद से मौजूद है. फोटो में दिख रहा बोर्ड दरगाह की लोकेशन दिखाने वाला सिर्फ एक डायरेक्शनल बोर्ड है.''
हमें 'The Mumbai Zoo' का एक फेसबुक पोस्ट मिला, जिसमें चिड़ियाघर के इतिहास पर एक वीडियो का यूट्यूब लिंक शेयर किया था. इस वीडियो में बताया गया है कि कैसे चिड़ियाघर के लिए जमीन का सीमांकन किया गया और समय के साथ कैसे इसका नाम और मैनेजमेंट बदलता रहा.
ये वीडियो 15 अगस्त 2021 को अपलोड किया गया था. इसमें चिड़ियाघर के एंट्रेंस पर एक मेहराब दिखाई दे रहा है, जिसमें मराठी में 'वीर माता जीजाबाई भोसले उद्यान और चिड़ियाघर' लिखा हुआ है.
वीडियो में चिड़ियाघर का नाम देखा जा सकता है
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/यूट्यूब)
इसके बाद, हमने ऐसी जानकारी सर्च करने की कोशिश की जिससे ये पता लगा सकें कि चिड़ियाघर के नाम में बदलाव हुआ है या नहीं, लेकिन हमें ऐसी कोई जानकारी या सूचना नहीं मिली. इसके अलावा, News 18 Lokmat से मुंबई के मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि दिशानिर्देशक बोर्ड रातोंरात नहीं आया.
हमें 17 जनवरी 2019 को अपलोड किया गया एक यूट्यूब व्लॉग भी मिला. व्लॉग में चिड़ियाघर के रास्ते देखे जा सकते हैं जिसमें दरगाह का रास्ता भी देखा जा सकता है. वीडियो के 3 मिनट 39 सेकंड के आसपास वायरल हो रहे बोर्ड को देखा जा सकता है, जिससे ये स्पष्ट होता है कि बोर्ड जनवरी 2019 में भी मौजूद था.
ये वीडियो 2019 में अपलोड किया गया था
(सोर्स: यूट्यूब/Altered by The Quint)
मतलब साफ है, एक दिशानिर्देशक बोर्ड की फोटो शेयर कर ये झूठा दावा किया जा रहा है कि वीर माता जीजाबाई भोसले उद्यान और चिड़ियाघर का नाम बदलकर एक मुस्लिम संत के नाम पर कर दिया गया है.