advertisement
(एडिटर - दीप्ति रामदास)
फेसबुक पर एक वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है, जिसमें सैंकड़ों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसमें झूठा दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो सूरत का है और ये लोग वहां के निवासी हैं. कहा जा रहा है कि ये लोग कोरोना वायरस लॉकडाउन में खाना खत्म होने की वजह से सड़कों पर आ गए हैं.
हालांकि क्विंट को पता चला है कि ये वीडियो जम्मू-कश्मीर के कठुआ का है. 8 मई को कठुआ में चेनाब टेक्सटाइल मिल के कर्मचारियों के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था. कर्मचारी अपनी पूरी सैलरी देने की मांग कर रहे थे.
ये वीडियो 9 मई को अपलोड किया गया था और इसे 5,07,000 से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
वीडियो के साथ दावा किया गया था, “सूरत गुजरात में जनता सड़क पर राशन दो या गोली मार दो नारे के साथ..”
सूरत में प्रशासन के 9 मई से 14 मई की मध्यरात्रि तक सभी फलों और सब्जी की दुकानें बंद करने के ऐलान के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. प्रशासन ने ये ऐलान संक्रमण पर लगाम कसने के लिए किया था.
वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया गया.
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें एक बोर्ड दिखाई दिया, जिस पर लिखा था 'चेनाब टेक्सटाइल्स'.
इसके बाद हमने YouTube पर कीवर्ड सर्च किया और हमें घटना के कई वीडियो मिले. ‘JK Update’ नाम के एक चैनल ने जो वीडियो अपलोड की थी, उससे हम वायरल वीडियो के कई फ्रेम मैच करा सके.
फिर हमने जम्मू के एक स्थानीय पत्रकार से संपर्क किया, जिसने बताया कि वीडियो के विज़ुअल चेनाब टेक्सटाइल मिल के बाहर के हैं.
हमें 'The Straight Line' नाम की एक न्यूज वेबसाइट पर कठुआ के एसएसपी शैलेन्द्र मिश्रा का इंटरव्यू भी मिला. इसमें उन्होंने बताया कि मिल की स्टाफ कॉलोनी में रहने वाले मजदूर अपनी सैलरी लेने गए थे. मामला बढ़ जाने के बाद किसी ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया.