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दिल्ली हिंसा के दौरान 26 फरवरी को चांदबाग इलाके में आईबी अफसर अंकित शर्मा का शव मिला था. ऐसा दावा किया जा रहा था कि शर्मा को '400 से ज्यादा बार गोदा' गया था. लेकिन अंकित का शव मिलने के दो हफ्ते से ज्यादा समय के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इन दावों को झुठला दिया है.
ये दावे सबसे पहले कई राइट-विंग वेबसाइट ने किए थे, जिसके बाद इन्हें कई मंत्रियों ने संसद में दोहराया और प्रसार भारती के सीईओ ने बीबीसी को लिखे एक खत में भी इसका जिक्र किया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण, "दिमाग और फेफड़ों को चोट की वजह से आंतरिक रक्तस्राव के कारण सदमा लगना. कुछ घाव किसी नुकीले हथियार से हुए हैं." इसके अलावा रिपोर्ट में लिखा है कि "एक घाव किसी भारी हथियार से हुआ है और बाकी घाव ब्लंट फोर्स की वजह से हुए हैं. मौत से पहले सभी घाव ताजा थे."
रिपोर्ट कहती है कि शर्मा के पूरे शरीर पर गोदे जाने के घाव हैं लेकिन ये पीठ और रीढ़ पर ज्यादा हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा के शरीर पर ब्लंट वस्तु से वार की वजह से 13 घाव और हैं.
गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने संसद में इस '400' के आंकड़े का जिक्र किया था. कई मीडिया आउटलेट जैसे कि रिपब्लिक, टाइम्स नाउ, द फ्री प्रेस जर्नल और राइट-विंग वेबसाइट Opindia ने भी ऐसे ही दावे किए थे.
प्रसार भारती के सीईओ ने बीबीसी के एक न्योते को अस्वीकृत करते हुए कहा था कि चैनल शर्मा के 'टार्गेटेड मर्डर' पर चुप रहा था जबकि 'अंकित को कई सौ बार गोदा गया था.'
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी अपने सोशल मीडिया पर ऐसे ही दावे किए थे.
पहचान गुप्त रखने की शर्त पर अंकित मामले को जानने वाले एक मेडिकल फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने क्विंट से बातचीत में इन दावों को 'भड़काऊ' बताया. एक्सपर्ट का कहना था कि "अंकित के शरीर पर कटने के निशान थे. चोट और कई बार गोदने के भी घाव हैं लेकिन 400 बार वाला दावा 100 प्रतिशत गलत है."
अंकित शर्मा की मौत के मामले में 13 मार्च को एक कोर्ट ने निलंबित AAP पार्षद ताहिर हुसैन को तीन दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. हुसैन पर 27 फरवरी को हत्या का मामला दर्ज किया गया था. ताहिर को 5 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था. ताहिर ने कोर्ट में सरेंडर की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था.
ताहिर हुसैन ने इस मामले में शामिल होने से इंकार कर दिया है. हुसैन का दावा है कि उनके घर पर हिंसा के दौरान हमला हुआ था और उन्हें पुलिस ने रेस्क्यू किया था. अंकित शर्मा के पिता रविंदर ने भी आरोप लगाया था कि हुसैन के समर्थकों ने उनके बेटे को मार डाला था.
12 मार्च को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शर्मा की हत्या मामले में सलमान उर्फ नन्हे को भी पकड़ा था.