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(चेतावनी: स्टोरी में सेक्शुअल हरैसमेंट का जिक्र है)
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करते दिख रहे हैं.
क्या है दावा?: इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ये मणिपुर का वीडियो है. दावे में कहा जा रहा है कि मणिपुर (Manipur) में आतंकी संगठन एक महिला के साथ दुर्व्यवहार कर रहा है.
वहीं कुछ दूसरे यूजर्स ने इसे मणिपुर का बताते हुए दावे में ये भी लिखा है कि ये महिला ईसाई समुदाय से है और इनके साथ दुर्व्यवहार करने वाले हिंदू हैं.
(नोट: वीडियो में विचलित करने वाले दृश्य हैं. इसलिए, हमने वीडियो से जुड़े किसी भी आर्काइव लिंक का इस्तेमाल स्टोरी में नहीं किया है.)
वीडियो को मणिपुर का बताकर शेयर किया जा रहा है.
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/X)
सच क्या है?: पड़ताल में हमने पाया कि वायरल दावा गलता है.
ये वीडियो न तो हाल का है और न ही मणिपुर का है.
ये वीडियो साल 2021 का है और कर्नाटक के बेंगलुरु का है.
वीडियो में जिस महिला के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है वो बांग्लादेश से थी.
बेंगलुरु पुलिस ने जुलाई 2021 में इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया था.
हमने सच का पता कैसे लगाया?: हमने वीडियो वेरिफिकेशन टूल InVID का इस्तेमाल कर कई कीफ्रेम निकाले और उनमें से कुछ पर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया. इससे हमें साल 2021 की कई न्यूज रिपोर्ट मिलीं, जिनमें इस घटना के बारे में बताया गया था.
क्विंट हिंदी की 28 मई 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 27 मई 2021 की है और बेंगलुरु की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ये वीडियो असम का बताकर वायरल हुआ था. इसके बाद, लोगों की नाराजगी को देखते हुए असम पुलिस ने वीडियो का इमेज शेयर करते हुए कहा था कि जिसे भी इन क्रिमिनल्स के बारे में जानकारी हो वो पुलिस से संपर्क करें.
हालांकि, बेंगलुरु पुलिस सर्वाइवर की पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में की.
राममूर्तिनगर पुलिस थाने में दर्ज इस मामले के बारे में बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर ने 7 जुलाई को X (पूर्वनाम ट्विटर) पर शेयर किया था.
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर का पोस्ट
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/X)
इसके बाद, इस मामले से जुड़ी अपडेट उन्होंने 8 जुलाई को पोस्ट की थी और बताया था कि इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है.
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर का पोस्ट
(सोर्स: स्क्रीनशॉट/X)
इस घटना से जुड़ी दूसरी रिपोर्ट्स: Hindustan Times, NDTV और Indian Express सहित कई न्यूज वेबसाइट पर हमें इस घटना से जुड़ी रिपोर्ट मिलीं.
Indian Expres के मुताबिक, पुलिस ने 1019 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है और 12 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल थीं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों में से 11 बांग्लादेशी थे.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि इस मामले में 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है. वहीं एक शख्स को 5 साल और एक महिला को 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा, 2 महिला आरोपियों को 9 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं- शोबुज शेख, रफीक उर्फ रफसान, रिदॉय बाबू, रकीबुल इस्लाम सागर, मोहम्मद बाबू शेख, कहील अजीम, जमाल, डालिम, नसरथ, काजल और तान्या.
निष्कर्ष: साफ है कि वायरल वीडियो 2 साल पुराना है और बेंगलुरु का है, जिसे मणिपुर में हाल का बताकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)