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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एम्बुलेंस में से स्ट्रेचर समेत एक मरीज गिरता दिख रहा है. वीडियो को उत्तरप्रदेश का बताकर शेयर किया जा रहा है. वीडियो शेयर कर उत्तरप्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
क्या ये सच है ? : नहीं, वायरल वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई है.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें ऐसी कई खामियां दिखीं, जिनसे शक हुआ कि ये AI से बना हो सकता है.
वीडियो में स्ट्रेचर झटके से एंबुलेंस से बाहर आता दिख रहा है. जबकि एंबुलेंस के अंदर कोई शख्स मौजूद नहीं दिख रहा. आमतौर पर इस जगह पर मेडिकल स्टाफ या परिजन मौजूद होते हैं.
वीडियो में दिख रही गड़बड़ियां
सोर्स : स्क्रीनशॉट/फेसबुक/Altered by The Quint
वीडियो को यमुना एक्सप्रेसवे का बताया जा रहा है, जो कि एक व्यस्त हाईवे है. लेकिन, हाईवे के जिस तरङ स्ट्रेचर चलता दिख रहा है वहां कोई अन्य वाहन नहीं है. यहां से भी वीडियो के असली होने पर सवाल खड़े होते हैं.
हाईवे पर दिख रहे एक बोर्ड को गौर से देखा तो उसपर हमें न कोई टेक्स्ट दिखा न कोई तस्वीर. जूम करने पर ये बोर्ड बिल्कुल बिखरा हुआ दिख रहा है, जैसे कि ग्राफिक्स की कोई गड़बड़ी हो.
वीडियो में दिख रही गड़बड़ियां
सोर्स : स्क्रीनशॉट/फेसबुक/Altered by The Quint
हमने AI पहचानने वाले ऑनलाइन टूल Hive Moderation पर वीडियो को चेक किया. इस टूल के मुताबिक, वीडियो के AI से बने होने की संभावना 91% है.
Hive Moderation Tool पर वीडियो के नतीजे
सोर्स : स्क्रीनशॉट/Hive Moderation
निष्कर्ष : AI से बने वीडियो को सोशल मीडिया पर उत्तरप्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई असली घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)