Home Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Hindi Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Webqoof Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019वायरल वीडियो में मंदिर पर पत्थर फेंकता शख्स मुसलमान नहीं है

वायरल वीडियो में मंदिर पर पत्थर फेंकता शख्स मुसलमान नहीं है

पुलिस ने बताया कि विक्की ने मंदिर पर इसलिए पत्थर फेंके क्योंकि वह ‘’भगवान से गुस्सा’’ था.

टीम वेबकूफ
वेबकूफ
Published:
पुलिस ने बताया कि विक्की ने मंदिर पर इसलिए पत्थर फेंके क्योंकि वह ‘’भगवान से गुस्सा’’ था.
i
पुलिस ने बताया कि विक्की ने मंदिर पर इसलिए पत्थर फेंके क्योंकि वह ‘’भगवान से गुस्सा’’ था.
(फोटो: Altered by The Quint)
✕

advertisement

दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके के वैष्णों माता मंदिर में शनिवार, 3 अप्रैल को हुई एक घटना का वीडियो सांप्रदायिक रूप देकर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि 28 वर्षीय व्यक्ति ने कथित तौर पर मंदिर में पत्थर फेंके.

पंजाबी बाग के एसीपी विजय चंदेल ने हमने बताया कि आरोपी जिसकी पहचान विक्की मल के तौर पर हुई है, को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि विक्की ने मंदिर पर इसलिए पत्थर फेंके क्योंकि वह ''भगवान से गुस्सा'' था.

दावा

इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ''विशेष समुदाय'' इस घटना के लिए जिम्मेदार है.

दावे में लिखा गया है, ''पंजाबी बाग थानाक्षेत्र के माँ वैष्णो देवी के पवित्र मन्दिर में तोड़फोड़, एक विशेष समुदाय के द्वारा किया गया लेकिन अब कोई कुछ नहीं बोलेगा, secularism की बात है। इन लोगो पर FIR कब होगी”

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)

ये दावा फेसबुक और WhatsApp पर भी शेयर किया जा रहा है. पोस्ट का आर्काइव आप यहां देख सकते हैं.)

पड़ताल में हमने क्या पाया

  • सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद पुलिस ने पाया कि इस घटना के पीछे विक्की जिम्मेदार है और वह 'भगवान से गुस्सा' था.
  • एसीपी चंदेल ने कहा कि इस घटना में कोई सांप्रदायिक ऐंगल नहीं है और आरोपी एक हिंदू था.

वीडियो के साथ शेयर किए जा रहे दावे के आधार पर, हमने ‘Punjabi Bagh Vaishno Devi temple’ कीवर्ड से न्यूज रिपोर्ट सर्च कीं. हमें The New Indian Express का 4 अप्रैल को पब्लिश एक आर्टिकल मिला.

ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT

आर्टिकल में पुलिस अधिकारियों को कोट करके लिखा गया था कि ये घटना शनिवार को हुई थी. एक 28 वर्षीय शख्स विक्की मल ने कथित तौर पर बंजाबी बाग में स्थित वैष्णो माता मंदिर में पत्थर फेंका. उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह ''भगवान के ऊपर इस बात के लिए गुस्सा था क्योंकि उन्होंने उसे एक अवारा जैसी जिंदगी दी है''.

Hindustan Times ने इस घटना पर PTI की एक स्टोरी पब्लिश की थी, जिसमें बताया गया था कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है(सोर्स: स्क्रीनशॉट/वेबसाइट)

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार सुबह, मंदिर के पुजारी रंजीत पाठक को मंदिर के बाहर रखी भगवान शंकर की टूटी मूर्तियां मिलीं. सीसीटीवी फुटेज देखने पर पुलिस ने पाया कि इस घटना के लिए विक्की जिम्मेदार था.

पुलिस ने सांप्रदायिक ऐंगल से किया इनकार

क्विंट की वेबकूफ टीम से बातचीत में एसीपी चंदेल ने बताया कि इस घटना के पीछे की वजह सांप्रदायिक नहीं है.

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, विक्की कोरोनावायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के पहले अपने पिता के साथ काम किया करता था. बाद में उसके पिता बिहार वापस चले गए.

इस घटना पर The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 A (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उनकी धार्मिक भावनाओं को उकसाना) और 457 के तहत केस दर्ज किया गया है. मामले की जांच की जा रही है.

The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है(सोर्स: स्क्रीनशॉट/वेबसाइट)

मतलब साफ है कि दिल्ली के पंजाबी बाग में 28 वर्षीय युवक के मंदिर में कथित रूप से पत्थर फेंकने की घटना को गलत सांप्रदायिक रूप दिया जा रहा है.

(स्टोरी में SM Hoax Slayer से मिले इनपुट शामिल हैं)

Published: undefined

ADVERTISEMENT
SCROLL FOR NEXT