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सोशल मीडिया पर एक परिवार की तस्वीर वायरल है, दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में इस हिंदू परिवार की सांप्रदायिक हिंसा में हत्या कर दी गई है. दा
निजता का सम्मान करते हुए पीड़ित मृतक परिवार के बच्चों की तस्वीर छिपाई गई है. पोस्ट में तस्वीर दिख रही है इसलिए लिंक नहीं दिया गया है.
सोर्स : स्क्रीनशॉट/फेसबुक
क्या ये सच है ? : मामले में ऐसा कोई सांप्रदायिक एंगल सामने नहीं आया है, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया है. हत्या के आरोप में अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों के नाम मुगधो और सिद्धार्थ हैं, जो हिंदू समुदाय से ही हैं.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : हमने कुछ कीवर्ड्स के जरिए मामले से जुड़ी रिपोर्ट्स देखीं. हमें बांग्लादेश के स्थानीय न्यूज प्लेटफॉर्म The Daily Star पर 23 अगस्त 2026 की रिपोर्ट मिली. यहां से पता चला कि ये मामला रंगपुर शहर के दासपारा-मछुआपारा इलाके का है. जहां रिटायर्ड स्कूल टीचर गनपती चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतलता चक्रवर्ती और दो बच्चों अगामी - प्रियोम चक्रवर्ती की लाश घर से बरामद हुई थी. रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आरोपियों ने हत्या से पहले या बाद में पीड़ितों के चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ भी फेंका था.
हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सिद्धार्थ दास (19) और मुग्धो दास (21) के तौर पर हुई है, जो दोनों एक ही इलाके के रहने वाले हैं. सिद्धार्थ रंगपुर सिटी बाज़ार में मछली का कारोबार करता है, जबकि मुग्धो सुनार का काम करता है. पुलिस ने बताया कि दोनों ही आरोपी नशीले पदार्थों का सेवन करते थे.
हमें बांग्लादेश पुलिस के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से किया गया एक पोस्ट भी मिला. यहां बताया गया है कि मामले में आरोपी सिद्धार्थ दास पिता बिनॉय चंद्र दास और मुगधो दास पिता बिनॉय चंद्र दास बताई गई है. यहां से स्पष्ट हो रहा है कि दोनों ही आरोपी हिंदू समुदाय के है.
निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर बांग्लादेश में हुई परिवार की हत्या के मामले को गलत सांप्रदायिक रंग के साथ शेयर किया जा रहा है.
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