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आयतुल्लाह खामेनेई के समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज का नहीं है यह वीडियो

यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि हालिया ईरान-इजरायल युद्ध से पहले का है.

फैजान अहमद
वेबकूफ
Published:
<div class="paragraphs"><p>आयतुल्लाह खामेनेई के समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज का नहीं है यह वीडियो</p></div>
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आयतुल्लाह खामेनेई के समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज का नहीं है यह वीडियो

(Altered By The Quint)

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस धार्मिक नारे लगाते हुई मुसलमानों की भीड़ पर लाठीचार्ज करती हुई नजर आ रही है.

दावा: इस पोस्ट को इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि, "ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद शहर का माहौल खराब करने के उद्देश्य से मजहबी भीड़ इक्ट्ठी हुई थी और पुलिस ने लाठीचार्ज कर भगा दिया."

इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें

(सोर्स - स्क्रीनशॉट/फेसबुक)

( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )

क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.

  • यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि हालिया ईरान-इजरायल युद्ध से पहले का है.

  • वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के बरेली का है जहां 'I Love Muhammad' के नाम पर हुए प्रोटेस्ट्स के दौरान पुलिस ने भीड़ को तीतर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था.

हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें News9 Live के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो से मेल खाता हुआ वीडियो मिला.

दोनों वीडियो में समानताओं को यहां देखा जा सकता है. 

(सोर्स - स्क्रीनशॉट/Altered By The Quint)

News9 Live पर यह वीडियो 26 सितंबर 2025 को अपलोड किया गया था और इसके टाइटल में लिखा था, "आई लव मोहम्मद’ विरोध के बाद बरेली में अशांति फैली; पथराव और लाठीचार्ज."

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इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें News18 India का यह वीडियो मिला जिसमें वायरल वीडियो में दिखाई गई क्लिप्स थीं. 26 सितबंर 2025 की इस रिपोर्ट में लिखा था, "बरेली में जुमे के नमाज के बाद भारी बवाल, मौलाना तौकीर रजा के बुलाने पर इकठ्ठा हुए थे लोग."

मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों में 28 फरवरी 2026 को की गई थी. जबकि यह वीडियो कई चैनल्स (यहां, यहां और यहां) पर सितंबर 2025 से मौजदू है.

भारत में प्रदर्शन: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं लेकिन इस वायरल वीडियो का उन प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.

निष्कर्ष: बरेली हिंसा का पुराना वीडियो आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में हुए प्रदर्शनों से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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