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उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने के सरकार के निर्णय की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सात न्यायाधीशों की वृहद पीठ के पास भेजने का कोई कारण नहीं है।
न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने यह फैसला सुनाया।
दरअसल केंद्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द करने का फैसला किया था।
शीर्ष अदालत ने इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को वृहद पीठ को भेजे जाने के मुद्दे पर 23 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।