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दिसंबर 2025 में दिल्ली में हिंदुत्ववादी संगठन 'सनातन संस्था' ने एक बड़ा कार्यक्रम किया था, जिसके लिए दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्रालय (Tourism Ministry) ने 20 लाख रुपये दिए थे. यह खुलासा खुद दिल्ली टूरिज्म ने द क्विंट की एक RTI (सूचना का अधिकार) के जवाब में किया है.
दिल्ली के 'भारत मंडपम' में 13-14 दिसंबर को 'सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव' का आयोजन हुआ था. इस कार्यक्रम को केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली के पर्यटन मंत्रालय, दोनों का साथ मिला था. द क्विंट ने इस कार्यक्रम में दिए गए भाषणों पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी की थी. इस इवेंट में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, श्रीपद नाइक, संजय सेठ और दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा भी शामिल हुए थे.
इस खबर की तह तक जाने के लिए हमने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और दिल्ली टूरिज्म से RTI के जरिए पूछा था कि इन विभागों ने इस आयोजन के लिए आखिर कितने पैसे दिए हैं.
केंद्र सरकार का हिस्सा: केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने हमारी RTI के जवाब में बताया था कि उन्होंने इस आयोजन के लिए 63 लाख रुपये दिए थे (जिसकी रिपोर्ट हमने 17 फरवरी को की थी).
दिल्ली सरकार का हिस्सा: पिछले हफ्ते दिल्ली टूरिज्म का भी जवाब आ गया. इसके मुताबिक, दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (DTTDC) ने 'टूरिज्म पार्टनर' के तौर पर इस इवेंट में 20 लाख रुपये का योगदान दिया था.
DTTDC ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि ये पैसे आखिर किन-किन कामों पर खर्च हुए. लेकिन अगर केंद्र और दिल्ली सरकार के फंड को जोड़ दिया जाए, तो सनातन संस्था के इस दो दिनों के कार्यक्रम के लिए सरकारों ने कुल 83 लाख रुपये दिए.
इससे पहले जब हमने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिए गए फंड पर रिपोर्ट की थी, तो विपक्षी दलों ने सरकार को जमकर घेरा था. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और AIMIM जैसे दलों ने इस खुलासे पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी और ऐसे आयोजन की फंडिंग करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला था.