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ममता के चेहेते पुलिस कमिश्नर का भविष्य अंधकार में 

ममता के प्रिय पुलिस अफसर पर लटक रही है तलवार- अब सबको चुनाव आयोग के आदेश का इंतजार

पायल मोहनका
नजरिया
Published:
31 मार्च को कोलकाता के विवेकानंद रोड पर निर्माणाधीन ये फ्लाईओवर अचानक गिर पड़ा. (फोटो: PTI)
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31 मार्च को कोलकाता के विवेकानंद रोड पर निर्माणाधीन ये फ्लाईओवर अचानक गिर पड़ा. (फोटो: PTI)
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गिरीश पार्क फ्लाइओवर गिरने की दुखद घटना ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के भाग्य का फैसला रोक दिया है.

इस भयानक हादसे से एक दिन पहले इस बात की चर्चा गर्म थी कि चुनाव आयोग बीजेपी नेता राहुल सिन्हा के एक कथित स्टिंग को लेकर कुमार को हटाने के लिए कह सकता है. कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने दो पुलिसकर्मियों को राहुल का स्टिंग करवाने के लिए भाजपा मुख्यालय भेजा था.

राजीव कुमार : टॉप कॉप

ममता बनर्जी के आदेश पर इस साल 29 जनवरी को 1989 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कुमार को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बना दिया गया. राहुल को यह प्रमोशन 30 पुलिस अधिकारियों की वरिष्ठता की अनदेखी कर दी गई.

इस खुल्लम-खुल्ला राजनीतिक दखलदांजी से राज्य की नौकरशाही का एक बड़ा वर्ग बेहद खिन्न है. वरिष्ठ नौकरशाहों का मायूस होना लाजिमी है क्योंकि राजीव को जिन अफसरों के ऊपर तरजीह दी गई, उनमें से 25 बंगाल पुलिस और 5 केंद्र के काफी वरिष्ठ पुलिस अफसर हैं.

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार. (फोटो: ANI)

ऐसे में ये सवाल लाजिमी है कि क्या ममता ने कानून में अपने हाथ में ले लिया है? या फिर राजीव में ऐसी कोई असाधारण योग्यता है कि उन्हें इतने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अनदेखी कर कोलकाता पुलिस कमिश्नर की कमान दे दी गई. जवाब साफ है. चुनाव नजदीक थे और ममता शीर्ष पुलिस अधिकारी को अपने पाले में करना चाहती थीं. लेकिन राजीव को इस पद के लिए चुनने के लिए ममता ने जिस तरह आला अफसरों की वरिष्ठता को नजरअदांज किया, उससे पुलिस महकमा बुरी तरह चिढ़ा हुआ है.

एक पुलिस अफसर ने कहा,

इस तरह का प्रमोशन अफसरों के बीच कटुता पैदा करता है. हां, कुमार के पास वह योग्यता है, जो दूसरों में नहीं है. वह रीढ़विहीन हैं और ममता के इशारे पर काम करने को तैयार हैं. हर अफसर तो मुख्यमंत्री के इशारे पर नाच नहीं सकता. 

पुलिस अफसरों का कहना है कि लेफ्ट फ्रंट के वक्त में भी सरकार अपने चुनिंदा अफसरों को अहम पद पर बिठाती थी लेकिन थोड़ी बहुत शालीनता और निष्पक्षता का ख्याल तो रखा ही जाता था. ममता जो कर रही हैं उससे पुलिस अफसरों के बीच बहुत खराब संकेत जा रहा है.

कहा जाता है कि बिधाननगर कमिश्नर के तौर कुमार ने राज्य को हिला कर रख देने वाले शारदा चिटफंड घोटाले में जांच रोक दी थी. क्या मुख्यमंत्री ने कुमार को इसी का पुरस्कार दिया?

यह बेहद अराजकता का दौर है. नारद न्यूज पोर्टल ने एक कथित स्टिंग के जरिये बर्दवान के एसपी का पर्दाफाश किया. स्टिंग में एसपी एक काल्पनिक कंपनी के मालिक से नोटों का बंडल लेते हुए दिख रहे हैं. इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. 
कोलकाता पुलिस का एक सीनियर असफर 
31 मार्च को कोलकाता का विवेकानंद फ्लाईओवर गिर जाने के बाद रेस्क्यू में जुटी आर्मी और एनडीआरएफ की टीम. (फोटो: IANS)
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कुमार: सफल ऑपरेशन के हीरो

माना जाता है कि कुमार ने मुख्यमंत्री के आदेश पर बीजेपी के एक नेता का गैर-पेशेवाराना ढंग से स्टिंग किया. कुमार ने ही पिछले महीने स्टिंग के जरिये कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन आरपीएस कहलों को पकड़ा था और उन्हें मुख्यमंत्री से खूब वाहवाही मिली थी.

कहा जाता है कि अपने नजदीकी वेंकटेश फिल्म्स से पंगा लेने की वजह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कहलों को उनकी औकात बताना चाहती थीं. दरअसल कहलों ने हाइड पार्क पर वेंकटेश फिल्म्स की कब्जाई जमीन खाली करा ली थी.

जमीन खाली कराने के लिए उन्होंने सीआईएसएफ की टुकडिय़ों को तैनात करा दिया था. मुख्यमंत्री को जब यह मालूम पड़ा तो वह आगबबूला हो गईं.

इसके बाद कहलों की कॉल रिकार्ड होने लगी और उन्हें फंसाने के लिए जाल बिछा दिया गया. फिर जब एक पांचसितारा होटल में कहलों 20 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे तो उन्हें पकड़ लिया गया.

इस ऑपरेशन के बाद कुमार और दुस्साहसी हो गए और अतिउत्साह में उन्होंने ढीले-ढाले तरीके से एक और स्टिंग को अंजाम दे दिया. लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ गया.

बहरहाल, अब क्या राज्य में हुए एक अभूतपूर्व त्रासदी के इस क्षण में चुनाव आयोग ममता प्रशासन को मुश्किल में डालने का फैसला टाल देगा. क्या इस त्रासदी से कुमार को जीवनदान मिल जाएगा? इस वक्त कुमार ही फ्लाईओवर त्रासदी से जुड़े राहत और बचाव कार्य देख रहे हैं.

ममता बनर्जी अपने राज में अपने नैतिक-अनैतिक समर्थकों को बचाव करती रहेंगी. लेकिन क्या मुख्यमंत्री के प्रिय अफसर कुमार को दागदार दामन के साथ उनका साथ छोडऩा पड़ेगा?

(लेखिका वरिष्ठ पत्रकार हैं और कोलकाता में रहती हैं.)

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