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मेरे ख्याल से सबसे पहला तरीका भारतीय होना है, इससे मेरा मतलब आपके पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीयों को अधिकतर देशों की यात्राओं के लिए एडवांस में वीजा लेना होता है. इसलिए मुझे ऐसे दो पासपोर्ट लेकर चलना पड़ता है जिनकी समय सीमा खत्म हो चुकी है लेकिन उन पर लंबे वक्त तक वीजा वैध है.
मैंने कभी भी भारत के बाहर नौकरी नहीं की लेकिन ऐसे कई भारतीय हैं जिन्होंने अपना पासपोर्ट अभी भी रखा हुआ है जबकि उनका अधिकतर जीवन बाहर नौकरी करते हुए बीत चुका है. संगीत निर्देशक जुबिन मेहता ऐसे ही एक व्यक्ति हैं.
दूसरे हैं एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव सलिल शेट्टी. जुबिन ने न्यूयॉर्क में कई वर्षों तक संगीत देने वाले भारतीयों की अगुआई की है. इसके बावजूद जब वो लोग एक साथ कहीं यात्रा करते थे तो जुबिन को वीजा के लिए लंबी कतार में लगना होता था, इसके बावजूद उन्होंने अपना भारतीय पासपोर्ट कभी सरेंडर नहीं किया.
भारत को प्यार करने का दूसरा तरीका है कि आप अन्य भारतीयों को प्यार करें, और इससे मेरा मतलब है हर एक भारतीय को. अपने धर्म के लोगों के साथ-साथ दूसरे धर्म, जात और भाषा बोलने वालों को भी प्यार करें.
उन लोगों को भी जिनसे आप सहमत हैं और उनसे भी जिनकी कोई भी बात आपको अच्छी नहीं लगती. उनसे भी जो मांस खाते हैं, किसी भी तरह का, और उनसे भी जो शाकाहारी हैं. भारतीयों से प्यार करने का मतलब है सच्चे मायनों में भारत से प्यार करना. भारत को केवल एक नक्शे पर प्यार करने का मतलब है कि आप केवल एक प्रतीक को प्यार कर रहे हैं.
तीसरा तरीका है कि आप देश की अलग-अलग भाषाएं सीखें. महात्मा गांधी ने कहा था कि भारतीयों को हिन्दुस्तानी सीखनी चाहिए और वो भी देवनागरी और फारसी-अरबी लिपि दोनों में.
मैंने दोनों ही लिपियों में हिन्दुस्तानी सीखी है, लेकिन मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि हर भारतीय हिन्दुस्तानी सीखे.
चौथा तरीका है कि आप देश के क्लासिकल म्यूजिक और उसकी कविताओं को समझें. इन्हें समझने की कला बड़े होकर आती है क्योंकि हिन्दुस्तानी संगीत परिपक्व है और उसका भाव खुशहाल नहीं बल्कि उदास है. इस देश और उसके लोगों को समझना लगभग तब तक नामुमकिन है जब तक आप ये नहीं समझ पाते कि कनार्टिक और खयाल क्या है और वो वैसे क्यों हैं जैसे कि वो हैं.
मुझ बहुत सारी कविताएं कंठस्थ हैं जैसे कि शेली की ओजिमंडियास लेकिन जिस कविता को हर बार पढ़कर मेरा मन भर आता है वो है नरसिंह मेहता (जिन्होंने गांधी का पसंदीदा गाना वैष्णव जन लिखा था) द्वारा लिखी गई नाग दमन. नाग दमन में बताया गया है कि किस तरह से कृष्ण अपने बाल रूप में नाग कालिया से लड़ते हैं लेकिन उसकी हत्या नहीं करते. मुझे ये कहने में जरा भी शर्म नहीं है कि जब भी मैं इस कविता को सुनता हूं खासकर सरल संगीत के साथ तो मेरी आंखें नम हो जाती हैं.
पांचवां तरीका इस देश के व्यंजनों को प्यार करना है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप दूसरों के खाने की उलाहना करें. खाने के मामले में मैं खुले विचारों का हूं और कुछ समय पहले वियतनाम की यात्रा पर गया था लेकिन मुझे वहां लोगों का सांप और कुत्ता खाना बहुत रास नहीं आया.
मुझे जापानी खाना काफी अच्छा लगता है लेकिन मेरी पहली पसंद भारतीय खाना ही है. मुझे पाटीदार किसानों का खाना सबसे ज्यादा पसंद है. उनकी मोटी-मोटी बाजरे की रोटी (गुजराती में उसे रोटलो कहते हैं) थोड़ी सी सब्जी के साथ और लहसुन की चटनी. मैं दोपहर के खाने में अधिकतर यही खाता हूं और जीवनभर खा सकता हूं.
छठा तरीका है कि आप अपने देश का संविधान पढ़ें और उसे जानें. भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ संविधान है.
इसलिए कम से कम उसकी शुरुआती चीजें, प्रस्तावना, उसका क्या मतलब है और जो संवैधानिक अधिकार हमें मिले हुए हैं उसके असल में क्या मायने हैं, ये तो जानना ही चाहिए. भारतीय संविधान पूरी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दस्तावेजों में से एक है और उसे अधिक से अधिक भारतीयों द्वारा पढ़ा जाना चाहिए.
सातवां तरीका है कि आप उसकी इज्जत करें जो आपके लिए कुछ कर रहा है. मेरे हिसाब से एक शिक्षक खिलाड़ियों से अधिक महत्वपूर्ण है.
खेल में मिली हुई जीत से राष्ट्रीयता का भाव पनपता है जो खोखला होता है और ये समय के साथ धूमिल हो जाता है. मैं खिलाड़ियों से किसी तरह की नफरत नहीं करता लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि उनका योगदान किसी मायने में बहुत बड़ा नहीं होता.
भारत को प्यार करने का आठवां तरीका है अपने टैक्स समय से भरना. मुझे अपने टैक्स भरने में कोई गर्व नहीं होता क्योंकि ये मेरी जिम्मेदारी है. लेकिन अधिकतर भारतीय इनकम टैक्स नहीं भरते.
हालांकि इसमें से कई लोगों को टैक्स भरने की जरूरत ही नहीं है क्योंकि या तो वो गरीब हैं या फिर वो छूट के दायरे में आते हैं. मैं उन लोगों की बात नहीं कर रहा हूं. मैं अमीर और मिडिल क्लास भारतीयों की बात कर रहा हूं जो अपना टैक्स बचाने के लिए धोखाधड़ी का सहारा लेते हैं. क्या आप सब भारत से प्यार करते हैं? आप कहेंगे हां. मैं कहूंगा नहीं.
नौवां तरीका अपने देश को प्यार करने का है कि आप दूसरे लोगों से सहानुभूति रखें. दरकिनार और कमजोर वर्ग के दर्द को महसूस करें.
जब दलितों को चोट लगे तो आप भी चोटिल हों, जब आदिवासियों को शर्मिंदा किया जाए तो आप भी शार्मिंदा महसूस करें और जब मुसलमानों को सताया जाए, जो कि अक्सर इस देश में होता है, तब आप शर्म महसूस करें. ये सहानुभूति ही वो भाव है जो भारत को प्यार करने के बराबर है.
देश को प्यार करने का आखिरी तरीका है कि आप इसके विरोधाभासों और मतभेदों को स्वीकार करें.
इतने बड़े देश में किसी भी तरह की एकरूपता स्थापित करने की कोशिश देश को प्यार नहीं करने के बाराबर है. ये एकरूपता किस भी विषय जैसे भाषा, धर्म, निजी कानून, खाने की पसंद या फिर संगीत पर आधारित हो सकता है.
मेरे हिसाब से ये कुछ तरीके हैं जिनके जरिए हम अपने देश को प्यार कर सकते हैं. बाकी सब आकस्मिक है. आप मुझसे इन बातों पर असहमत हो सकते हैं या मुझसे नफरत भी कर सकते हैं. लेकिन मैं आपसे उसी तरह से प्यार करता रहूंगा.
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