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बीते 2 अक्टूबर को जहां एक तरफ सारी दुनिया महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रही थी. वहीं मध्यप्रदेश के रीवा में किसी अंजान शख्स ने महात्मा गांधी का अस्थि कलश चुरा लिया और उनके पोस्टर पर राष्ट्रद्रोही लिख दिया. ये घटना रीवा के लक्ष्मण बाग मंदिर की है. इसी मंदिर में एक बापू भवन है. बापू भवन के बाहर महात्मा गांधी का एक बड़ा पोस्टर लगाया गया था जिसपर ‘राष्ट्रद्रोही’ लिखा गया.
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में रोष फैल गया. स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इस हरकत पर नाराजगी जताई है. कांग्रेस पार्टी के रीवा जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह मांगू ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. मांगू ने ये भी कहा है कि मौके से गांधीजी का अस्थि कलश भी चुराया गया है. कार्यकर्ताओं ने इसके पीछे बीजेपी से जुड़े लोगों का हाथ होने की आशंका जताई है और कहा है कि जो लोग गोडसे की विचारधारा को बढ़ावा देते हैं वही ये हरकत कर सकते हैं. पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है.
बता दें कि इस मामले में आईपीसी के सेक्शन 153(बी), 504 और 505 के तहत जानबूझ कर शांति भंग करने और भावना आहत करने का केस दर्ज हुआ है.
महात्मा गांधी के परपोते तुषार अरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी आपत्ति जाहिर की. तुषार ने लिखा, ‘‘अभी-अभी खबर मिली है कि किसी ने रीवा के गांधी भवन से मेरे परदादा का अस्थि कलश चुरा लिया है. उन्होंने उनके (गांधीजी) फोटो पर राष्ट्रद्रोही भी लिखा है. काश वो राष्ट्रपिता न होते, काश वो महात्मा न होते. काश वो सिर्फ मेरे परदादा होते.’’