धारावी में नाले की गंदगी से फैल रही बीमारियां

माहिम ईस्ट में एक पुराना नाला प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे से भरा हुआ है

इरफान मच्छीवाला & मुश्ताक अंसारी
न्यूज
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(फोटो: क्विंट हिंदी)
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वीडियो एडिटर: प्रशांत चौहान

वीडियो प्रोड्यूसर: आस्था गुलाटी

माहिम ईस्ट में एक पुराना नाला प्लास्टिक और औद्योगिक कचरे से भरा हुआ है. नाला मीठी नदी से मिलता है और माहिम क्रीक से अरब सागर में बह जाता है. ये नाला स्थानीय लोगों के कूड़े और कचरे से अटा पड़ा है.

नाले को हर मॉनसून में साफ किया जाता है. कचरे को क्रेन से निकाला जाता है. धारावी के लोगों का कहना है कि इसे कभी भी पूरी तरह साफ नहीं किया गया है. सफाई तभी होती है जब मॉनसून आता है. इसी मसले पर हमने कुछ लोगों से बात की.

धारावी में रहने वाली लक्ष्मी का कहना है कि ज्यादातर लोग कचरा डालने में भी लापरवाही करते हैं

यहां पर ऐसा है कि डस्टबिन होने के बावजूद भी लोग कचरा डस्टबिन के बाहर फेंकते हैं. इन्हें गीले-सूखे कचरे के बारे में भी नहीं पता. इसलिए कचरा ऐसे ही बाहर फेंक देते हैं. 
लक्ष्मी, स्थानीय
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एक दुकान के मालिक दीपक ने बताया कि जब वो छोटे थे तब से ऐसी ही स्थिति है.

बचपन से मैं देखता आ रहा हूं. न विकास हुआ, न कुछ. ब्रिज बना है और लोग वहां से कचरा फेंक देते हैं.   
दीपक, दुकानदार

इस तरह से नाले में गंदगी भरी होने से बीमारियां फैल रही हैं.

नाले में इतना कचरा है कि इससे मच्छर आते हैं. ये बीमारियों का घर है. यहां कोई बैठ नहीं सकता है. यहां पर बहुत तकलीफ है.   
नजीबुद्दीन मिस्त्री, टैक्सी ड्राइवर

ललिता भी अन्य लोगों की तरह यहां के हालात से परेशान है.

लोगों को बीमारी शुरू हो गई. खांसी शुरू हो गई. सभी लोग बहुत बीमार हो रहे हैं.  
ललिता, स्थानीय

नाला कचरे को माहिम बीच तक ले जाता है, जिससे समुद्र का पानी प्रदूषित होता है और समुद्री जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाता है. कई सामाजिक कार्यकर्ता मुंबई के समुद्र तटों को साफ करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अगर समुद्र में फिर से प्लास्टिक जमा हो जाए तो उनकी सारी मेहनत बेकार जाएगी. स्थानीय लोगों को भी ऐसे में अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत है.

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