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Navratri 2022: नवरात्रि के दौरान व्रत रखने के हैं कई फायदे

Navratri 2022: किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है, तो व्रत करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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Navratri 2022: व्रत रखने के फायदे हैं कई, पर ऐसा करें अपने डॉक्टर से पूछ कर 

(फोटो:iStock)

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नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान उपवास का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए, यह जरूरी है कि आप उपवास शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें.

नवरात्रि के नौ दिन के उत्सव के दौरान उपवास के कई फायदे होते हैं, आइए जानें उनके बारे में-

डिटॉक्स

रोजाना या तो खाने के जरिए या प्रदूषित वातावरण में रहते हुए हमारे शरीर को कई तरह के विषाक्त पदार्थों (toxins) का सामना करना पड़ता है. उपवास शरीर को डिटॉक्स करने का एक अच्छा मौका होता है.

नवरात्रि के दौरान ताजा और हल्का आहार इम्यूनिटी बढ़ाता है, शरीर में बलगम या किसी भी अवांछित पदार्थ को बाहर निकाल सकता है.

पाचन तंत्र को आराम मिलता है

हमारा पाचन तंत्र (Digestive System) लगातार खाद्य पदार्थों को तोड़ने और पाचन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए काम करता रहता है. उपवास के दौरान इसे आराम मिलता है.

मन की शांति

2003 में एक अध्ययन में पाया गया है कि उपवास तनाव को कम करने में मददगार साबित होता है.

उपवास करने से स्वास्थ्य बेहतर होता है, ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस में कमी आती है, अवसाद कम होता है, व्यक्ति के फोकस और यादाश्त में सुधार होता है.

ब्लड शुगर लेवल पर कंट्रोल

कई अध्ययनों से ऐसे संकेत मिले हैं कि उपवास ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.

इसके अलावा, उपवास से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में भी मदद मिलती है, जो शरीर को हार्मोन के प्रति कम संवेदनशील बनाता है और रक्त से कोशिकाओं में ग्लूकोज के बेहतर ट्रांसफर को बढ़ावा देता है.

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इन्फ्लेमेशन कम करता है

हालांकि इन्फ्लेमेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जो इम्यून सिस्टम को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है, लेकिन शोध बताते हैं कि इन्फ्लेमेशन बढ़ने से कई प्रकार की गंभीर बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है.

मेटाबॉलिज्म में सुधार

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अध्ययन के अनुसार, उपवास करने से HGH हार्मोन (मानव विकास हार्मोन) बढ़ाता है, जो मांसपेशियों की वृद्धि, लंबाई में वृद्धि और वजन घटाने के लिए जिम्मेदार है.

उपवास के दौरान नियंत्रित ब्लड शुगर लेवल भी शरीर में HGH हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार साबित होता है.

(ये लेख आपकी सामान्य जानकारी के लिए है, यहां किसी तरह के इलाज का दावा नहीं किया जा रहा है, सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए और कोई भी उपाय करने से पहले फिट आपको डॉक्टर या विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह देता है.)

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