Home Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Hindi Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019Breaking news  Created by potrace 1.16, written by Peter Selinger 2001-2019ओडिशा: अस्पताल की ICU में आग लगने से 10 मरीजों की मौत, न्यायिक जांच के आदेश

ओडिशा: अस्पताल की ICU में आग लगने से 10 मरीजों की मौत, न्यायिक जांच के आदेश

घटना के समय आईसीयू और आसपास के वार्ड में कुल 23 मरीज भर्ती थे. हादसे में 11 कर्मचारी घायल हुए हैं.

क्विंट हिंदी
ब्रेकिंग न्यूज़
Published:
<div class="paragraphs"><p>मुख्यमंत्री मोहन माझी ने हादसे में घायल हुए लोगों से अस्पताल में मुलाकात की.</p></div>
i

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने हादसे में घायल हुए लोगों से अस्पताल में मुलाकात की.

(फोटो: स्क्रीनशॉट/ @CMO_Odisha)

advertisement

ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की ट्रॉमा केयर आईसीयू में 16 मार्च 2026 की तड़के आग लगने से 10 मरीजों की मौत हो गई और 11 अस्पताल कर्मचारी झुलस गए. घटना के समय आईसीयू और आसपास के वार्ड में कुल 23 मरीज भर्ती थे. आग लगने के बाद सभी मरीजों को अन्य विभागों में स्थानांतरित किया गया. राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

BBC के अनुसार, आग सुबह करीब 2:30 बजे ट्रॉमा केयर आईसीयू में लगी, जिसका कारण प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. अस्पताल के कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बचाने की कोशिश की, जिसमें 11 कर्मचारी झुलस गए. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अस्पताल का दौरा कर घायलों के इलाज के निर्देश दिए.

Scroll की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के समय कई मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे, जिससे उन्हें तुरंत शिफ्ट करना मुश्किल हुआ. सात मरीजों की मौत बचाव के दौरान हुई, जबकि तीन अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ा. घायलों में निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं, जिनका इलाज चल रहा है.

The Indian Express ने बताया, आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. परिजन अपने लोगों की तलाश में इधर-उधर भागते रहे. एक पीड़ित के परिजन ने कहा, "डॉक्टरों ने हमें बताया था कि आज डिस्चार्ज कर देंगे, लेकिन दुर्भाग्यवश मेरे पिता की आग में मौत हो गई." अस्पताल स्टाफ ने बताया कि स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर एक्सटिंग्विशर काम नहीं कर रहे थे.

Hindustan Times ने एक लेख में कहा, मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और फायर सर्विस डीजी को व्यक्तिगत रूप से अस्पताल का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है. सरकार ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के लिए बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और आगामी वर्ष के लिए 400 करोड़ रुपये और प्रस्तावित किए हैं.

इस रिपोर्ट ने हाइलाइट किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के बाद सभी अस्पताल भवनों को फायरप्रूफ बनाने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी की लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी. विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.

Published: undefined

ADVERTISEMENT
SCROLL FOR NEXT