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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता के बीच भारत में लॉकडाउन की अटकलें लगाई जा रही थी. केंद्र सरकार ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज किया और कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है.
The Indian Express के अनुसार, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन की सभी अफवाहें निराधार हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं. सरकार के पास ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है." उन्होंने नागरिकों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की.
Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, हरदीप सिंह पुरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ईंधन, ऊर्जा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत के पास पर्याप्त भंडार है और सरकार किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
Financial Express ने बताया कि 'एनर्जी लॉकडाउन' शब्द सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है. हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों की आवाजाही या आर्थिक गतिविधियों पर कोई प्रतिबंध लगाने की योजना नहीं है. सरकार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है.
The Indian Express ने एक लेख में कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आशंका जताई थी कि केंद्र सरकार लॉकडाउन लगा सकती है. उन्होंने चुनावी सभा में कहा, "वे लॉकडाउन लगा सकते हैं. वे लोगों को घरों में बंद कर देंगे. मैंने 2021 के लॉकडाउन में भी संघर्ष किया था." हालांकि, केंद्र सरकार ने उनके इस बयान को खारिज कर दिया.
इस रिपोर्ट में उल्लेख है, एशिया के कई देशों में ईंधन संकट के चलते आपातकालीन उपाय अपनाए जा रहे हैं, लेकिन भारत ने स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी तरह के लॉकडाउन की संभावना नहीं है.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "अफवाहें फैलाना और ऐसी स्थिति में घबराहट पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है."
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.