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मुंबई में 15 जनवरी 2026 को बीएमसी चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. 227 वार्डों में लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस दौरान कई विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदान के बाद मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई गई स्याही आसानी से मिट रही है, जिससे दोबारा मतदान की संभावना बढ़ गई है. राज्य चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है.
Hindustan Times के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे को निलंबित करने की मांग की और आरोप लगाया कि वे सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पक्ष में काम कर रहे हैं. ठाकरे ने कहा कि मतदान के दौरान इस्तेमाल की गई स्याही आसानी से मिट रही है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं.
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने भी आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की उंगलियों पर मार्कर से निशान लगाया जा रहा है, जिसे सैनिटाइजर या साबुन से आसानी से मिटाया जा सकता है. उन्होंने कहा, "लोग बाहर आते हैं, स्याही मिटाते हैं और फिर से वोट डालने चले जाते हैं. क्या सरकार इसे विकास कहती है?"
Financial Express ने बताया, एमएनएस और शिवसेना (यूबीटी) के अलावा कांग्रेस के नेताओं ने भी स्याही की गुणवत्ता पर सवाल उठाए. कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा कि स्याही का स्तर खराब है और यह आसानी से मिट रही है, जिससे फर्जी मतदान की संभावना बढ़ जाती है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष अपनी हार को पहले ही स्वीकार कर चुका है और अब बहाने ढूंढ रहा है. फडणवीस ने मतदान के बाद कहा, "मैंने भी मार्कर से निशान लगाया है, क्या यह मिट रहा है? अगर मशीन या स्याही में कोई समस्या है तो चुनाव आयोग को देखना चाहिए."
The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने बयान जारी कर कहा कि मतदाताओं की उंगली पर लगी न मिटने वाली स्याही को पोंछने की कोशिश कर भ्रम फैलाना अपराध है. आयोग ने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति उंगली से स्याही हटाकर दोबारा वोट डालने की कोशिश करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
SEC ने यह भी कहा कि अगर कोई उंगली से स्याही मिटाकर गड़बड़ी करने की कोशिश भी करता है, तो भी वह दोबारा वोट नहीं कर सकता, क्योंकि इसके लिए दूसरे सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं. आयोग ने अपने बयान में आगे कहा,
The Indian Express की रिपोर्ट में बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्याही को केवल नाखून पर नहीं, बल्कि त्वचा पर भी लगाया जाए ताकि वह आसानी से न मिट सके.
बीएमसी चुनाव के लिए 1.03 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं और 10,231 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. बीएमसी चुनाव के नतीजे 16 जनवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे.
Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.